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गुरुवार, 25 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में रात तक है, फिर विशाखा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:36 तक शुभ है; राहु काल 13:43 से 15:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 04:52 से 07:06 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्थी

      07:06 – अगले दिन 09:33

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति

      पिछले दिन 16:16 से 19:08 तक

    • फिर

      विशाखा

      19:08 – अगले दिन 22:09

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वैधृति

      पिछले दिन 21:02 से 21:53 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      21:53 – अगले दिन 22:50

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • गर

      पिछले दिन 17:57 से 07:06 तक

    • फिर

      वणिज

      07:06 – 20:18

    • फिर

      विष्टि

      20:18 – अगले दिन 09:33

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · गुरु

00061218शुभ · 06:11 – 07:41रोग · 07:41 – 09:11उद्वेग · 09:11 – 10:42चल · 10:42 – 12:12लाभ · 12:12 – 13:43अमृत · 13:43 – 15:13काल · 15:13 – 16:43शुभ · 16:43 – 18:14अमृत · 18:14 – 19:43चल · 19:43 – 21:13रोग · 21:13 – 22:43काल · 22:43 – 00:12लाभ · 00:12 – 01:42उद्वेग · 01:42 – 03:12शुभ · 03:12 – 04:41अमृत · 04:41 – 06:11धन · 06:11 – 07:41सुख · 07:41 – 09:11चोर · 09:11 – 10:42उद्योग · 10:42 – 12:12अमृत · 12:12 – 13:43विष · 13:43 – 15:13रोग · 15:13 – 16:43लाभ · 16:43 – 18:14अमृत · 18:14 – 19:43विष · 19:43 – 21:13रोग · 21:13 – 22:43लाभ · 22:43 – 00:12धन · 00:12 – 01:42सुख · 01:42 – 03:12चोर · 03:12 – 04:41उद्योग · 04:41 – 06:11ब्रह्म मुहूर्त · 04:35 – 05:23अभिजित मुहूर्त · 11:48 – 12:36अमृत काल · 09:17 – 11:05राहु काल · 13:43 – 15:13यमगण्ड काल · 06:11 – 07:41गुलिक काल · 09:11 – 10:42वर्ज्यम् · 01:26 – 03:14गुरु · 06:11 – 07:11मंगल · 07:11 – 08:11सूर्य · 08:11 – 09:11शुक्र · 09:11 – 10:12बुध · 10:12 – 11:12चंद्र · 11:12 – 12:12शनि · 12:12 – 13:12गुरु · 13:12 – 14:13मंगल · 14:13 – 15:13सूर्य · 15:13 – 16:13शुक्र · 16:13 – 17:13बुध · 17:13 – 18:14चंद्र · 18:14 – 19:13शनि · 19:13 – 20:13गुरु · 20:13 – 21:13मंगल · 21:13 – 22:13सूर्य · 22:13 – 23:13शुक्र · 23:13 – 00:12बुध · 00:12 – 01:12चंद्र · 01:12 – 02:12शनि · 02:12 – 03:12गुरु · 03:12 – 04:12मंगल · 04:12 – 05:11सूर्य · 05:11 – 06:11

25 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
06:11
07:41
09:11
10:42
12:12
13:43
15:13
16:43

रात का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
18:14
19:43
21:13
22:43
00:12
01:42
03:12
04:41

दिन का गौरी

8·1 घं 30 मि
06:11
07:41
09:11
10:42
12:12
13:43
15:13
16:43

रात का गौरी

8·1 घं 30 मि
18:14
19:43
21:13
22:43
00:12
01:42
03:12
04:41
04:35–05:23
11:48–12:36
09:17–11:05
13:43–15:13
06:11–07:41
09:11–10:42
01:26–03:14

दिन के होरा

12·1 घं
06:11
07:11
08:11
09:11
10:12
11:12
12:12
13:12
14:13
15:13
16:13
17:13

रात के होरा

12·1 घं
18:14
19:13
20:13
21:13
22:13
23:13
00:12
01:12
02:12
03:12
04:12
05:11

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
25 सितंबर 2025 को शुक्ल तृतीया तिथि 07:06 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
25 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 सितंबर 2025 को नक्षत्र स्वाति और योग वैधृति है।
25 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है।
25 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:43 से 15:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।