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मंगलवार, 28 सितंबर 2027

दैनिक पंचांग

  • मासिक शिवरात्रि
कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत है। त्रयोदशी तिथि दोपहर तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:47 से 12:35 तक शुभ है; राहु काल 15:11 से 16:41 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 28 सितंबर

मासिक शिवरात्रि

व्रत

निशीथ काल23:47 – 00:36, 29 सितंबर

पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में, चतुर्दशी रहते की जाती है।

हर कृष्ण चतुर्दशी को, जब तिथि मध्यरात्रि में हो, मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं; माघ (उत्तर भारत में फाल्गुन) की शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 16:55 से 13:55 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      13:55 – अगले दिन 10:55

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 10:33 से 08:20 तक

    • फिर

      पूर्व फाल्गुनी

      08:20 – अगले दिन 06:06

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 11:07 से 07:32 तक

    • फिर

      शुभ

      07:32 – अगले दिन 03:56

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      03:25 से 13:55 तक

    • फिर

      विष्टि

      13:55 – अगले दिन 00:24

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · मंगल

00061218रोग · 06:12 – 07:42उद्वेग · 07:42 – 09:12चल · 09:12 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:11अमृत · 12:11 – 13:41काल · 13:41 – 15:11शुभ · 15:11 – 16:41रोग · 16:41 – 18:11काल · 18:11 – 19:41लाभ · 19:41 – 21:11उद्वेग · 21:11 – 22:41शुभ · 22:41 – 00:11अमृत · 00:11 – 01:42चल · 01:42 – 03:12रोग · 03:12 – 04:42काल · 04:42 – 06:12रोग · 06:12 – 07:42लाभ · 07:42 – 09:12धन · 09:12 – 10:41सुख · 10:41 – 12:11चोर · 12:11 – 13:41उद्योग · 13:41 – 15:11विष · 15:11 – 16:41अमृत · 16:41 – 18:11चोर · 18:11 – 19:41उद्योग · 19:41 – 21:11विष · 21:11 – 22:41अमृत · 22:41 – 00:11रोग · 00:11 – 01:42लाभ · 01:42 – 03:12धन · 03:12 – 04:42सुख · 04:42 – 06:12ब्रह्म मुहूर्त · 04:36 – 05:24अभिजित मुहूर्त · 11:47 – 12:35अमृत काल · 06:09 – 07:37राहु काल · 15:11 – 16:41यमगण्ड काल · 09:12 – 10:41गुलिक काल · 12:11 – 13:41वर्ज्यम् · 15:35 – 17:03मंगल · 06:12 – 07:12सूर्य · 07:12 – 08:12शुक्र · 08:12 – 09:12बुध · 09:12 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:11शनि · 11:11 – 12:11गुरु · 12:11 – 13:11मंगल · 13:11 – 14:11सूर्य · 14:11 – 15:11शुक्र · 15:11 – 16:11बुध · 16:11 – 17:11चंद्र · 17:11 – 18:11शनि · 18:11 – 19:11गुरु · 19:11 – 20:11मंगल · 20:11 – 21:11सूर्य · 21:11 – 22:11शुक्र · 22:11 – 23:11बुध · 23:11 – 00:11चंद्र · 00:11 – 01:12शनि · 01:12 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:12मंगल · 03:12 – 04:12सूर्य · 04:12 – 05:12शुक्र · 05:12 – 06:12

28 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
06:12
07:42
09:12
10:41
12:11
13:41
15:11
16:41

रात का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
18:11
19:41
21:11
22:41
00:11
01:42
03:12
04:42

दिन का गौरी

8·1 घं 30 मि
06:12
07:42
09:12
10:41
12:11
13:41
15:11
16:41

रात का गौरी

8·1 घं 30 मि
18:11
19:41
21:11
22:41
00:11
01:42
03:12
04:42
04:36–05:24
11:47–12:35
06:09–07:37
15:11–16:41
09:12–10:41
12:11–13:41
15:35–17:03

दिन के होरा

12·1 घं
06:12
07:12
08:12
09:12
10:11
11:11
12:11
13:11
14:11
15:11
16:11
17:11

रात के होरा

12·1 घं
18:11
19:11
20:11
21:11
22:11
23:11
00:11
01:12
02:12
03:12
04:12
05:12

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
28 सितंबर 2027 को कृष्ण त्रयोदशी तिथि 13:55 तक है, फिर कृष्ण चतुर्दशी आरंभ होती है।
28 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
28 सितंबर 2027 को नक्षत्र मघा और योग साध्य है।
28 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है।
28 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:11 से 16:41 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।