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गुरुवार, 5 सितंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि दोपहर तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 13:54 से 15:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 09:47 से 12:21 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      12:21 – अगले दिन 15:01

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 03:10 से 06:14 तक

    • फिर

      हस्त

      06:14 – अगले दिन 09:25

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शुभ

      पिछले दिन 20:02 से 21:07 तक

    • फिर

      शुक्ल

      21:07 – अगले दिन 22:14

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:03 से 12:21 तक

    • फिर

      तैतिल

      12:21 – अगले दिन 01:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · गुरु

00061218शुभ · 06:01 – 07:35रोग · 07:35 – 09:10उद्वेग · 09:10 – 10:44चल · 10:44 – 12:19लाभ · 12:19 – 13:54अमृत · 13:54 – 15:28काल · 15:28 – 17:03शुभ · 17:03 – 18:37अमृत · 18:37 – 20:03चल · 20:03 – 21:28रोग · 21:28 – 22:54काल · 22:54 – 00:19लाभ · 00:19 – 01:45उद्वेग · 01:45 – 03:10शुभ · 03:10 – 04:36अमृत · 04:36 – 06:01धन · 06:01 – 07:35सुख · 07:35 – 09:10चोर · 09:10 – 10:44उद्योग · 10:44 – 12:19अमृत · 12:19 – 13:54विष · 13:54 – 15:28रोग · 15:28 – 17:03लाभ · 17:03 – 18:37अमृत · 18:37 – 20:03विष · 20:03 – 21:28रोग · 21:28 – 22:54लाभ · 22:54 – 00:19धन · 00:19 – 01:45सुख · 01:45 – 03:10चोर · 03:10 – 04:36उद्योग · 04:36 – 06:01ब्रह्म मुहूर्त · 04:30 – 05:15अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:44अमृत काल · 02:37 – 04:26राहु काल · 13:54 – 15:28यमगण्ड काल · 06:01 – 07:35गुलिक काल · 09:10 – 10:44वर्ज्यम् · 15:45 – 17:33गुरु · 06:01 – 07:04मंगल · 07:04 – 08:07सूर्य · 08:07 – 09:10शुक्र · 09:10 – 10:13बुध · 10:13 – 11:16चंद्र · 11:16 – 12:19शनि · 12:19 – 13:22गुरु · 13:22 – 14:25मंगल · 14:25 – 15:28सूर्य · 15:28 – 16:31शुक्र · 16:31 – 17:34बुध · 17:34 – 18:37चंद्र · 18:37 – 19:34शनि · 19:34 – 20:31गुरु · 20:31 – 21:28मंगल · 21:28 – 22:25सूर्य · 22:25 – 23:22शुक्र · 23:22 – 00:19बुध · 00:19 – 01:16चंद्र · 01:16 – 02:13शनि · 02:13 – 03:10गुरु · 03:10 – 04:07मंगल · 04:07 – 05:04सूर्य · 05:04 – 06:01

5 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:01
07:35
09:10
10:44
12:19
13:54
15:28
17:03

रात का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
18:37
20:03
21:28
22:54
00:19
01:45
03:10
04:36

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:01
07:35
09:10
10:44
12:19
13:54
15:28
17:03

रात का गौरी

8·1 घं 26 मि
18:37
20:03
21:28
22:54
00:19
01:45
03:10
04:36
04:30–05:15
11:54–12:44
02:37–04:26
13:54–15:28
06:01–07:35
09:10–10:44
15:45–17:33

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:01
07:04
08:07
09:10
10:13
11:16
12:19
13:22
14:25
15:28
16:31
17:34

रात के होरा

12·57 मि
18:37
19:34
20:31
21:28
22:25
23:22
00:19
01:16
02:13
03:10
04:07
05:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
5 सितंबर 2024 को शुक्ल द्वितीया तिथि 12:21 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
5 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
5 सितंबर 2024 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग शुभ है।
5 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है।
5 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:54 से 15:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।