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शनिवार, 5 सितंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि रात तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में रात तक है, फिर आर्द्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 09:10 से 10:45 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      00:13 से 21:54 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      21:54 – अगले दिन 19:29

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 23:04 से 21:30 तक

    • फिर

      आर्द्रा

      21:30 – अगले दिन 19:52

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • वज्र

      पिछले दिन 15:43 से 12:47 तक

    • फिर

      सिद्धि

      12:47 – अगले दिन 09:45

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      00:13 से 11:04 तक

    • फिर

      गर

      11:04 – 21:54

    • फिर

      वणिज

      21:54 – अगले दिन 08:42

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · शनि

00061218काल · 06:01 – 07:35शुभ · 07:35 – 09:10रोग · 09:10 – 10:45उद्वेग · 10:45 – 12:19चल · 12:19 – 13:54लाभ · 13:54 – 15:29अमृत · 15:29 – 17:03काल · 17:03 – 18:38लाभ · 18:38 – 20:03उद्वेग · 20:03 – 21:29शुभ · 21:29 – 22:54अमृत · 22:54 – 00:19चल · 00:19 – 01:45रोग · 01:45 – 03:10काल · 03:10 – 04:36लाभ · 04:36 – 06:01चोर · 06:01 – 07:35उद्योग · 07:35 – 09:10विष · 09:10 – 10:45अमृत · 10:45 – 12:19रोग · 12:19 – 13:54लाभ · 13:54 – 15:29धन · 15:29 – 17:03सुख · 17:03 – 18:38लाभ · 18:38 – 20:03धन · 20:03 – 21:29सुख · 21:29 – 22:54चोर · 22:54 – 00:19उद्योग · 00:19 – 01:45विष · 01:45 – 03:10अमृत · 03:10 – 04:36रोग · 04:36 – 06:01ब्रह्म मुहूर्त · 04:30 – 05:15अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:44अमृत काल · 13:17 – 14:46राहु काल · 09:10 – 10:45यमगण्ड काल · 13:54 – 15:29गुलिक काल · 06:01 – 07:35वर्ज्यम् · 05:20 – 06:50शनि · 06:01 – 07:04गुरु · 07:04 – 08:07मंगल · 08:07 – 09:10सूर्य · 09:10 – 10:13शुक्र · 10:13 – 11:16बुध · 11:16 – 12:19चंद्र · 12:19 – 13:22शनि · 13:22 – 14:25गुरु · 14:25 – 15:29मंगल · 15:29 – 16:32सूर्य · 16:32 – 17:35शुक्र · 17:35 – 18:38बुध · 18:38 – 19:35चंद्र · 19:35 – 20:32शनि · 20:32 – 21:29गुरु · 21:29 – 22:26मंगल · 22:26 – 23:23सूर्य · 23:23 – 00:19शुक्र · 00:19 – 01:16बुध · 01:16 – 02:13चंद्र · 02:13 – 03:10शनि · 03:10 – 04:07गुरु · 04:07 – 05:04मंगल · 05:04 – 06:01

5 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:01
07:35
09:10
10:45
12:19
13:54
15:29
17:03

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:38
20:03
21:29
22:54
00:19
01:45
03:10
04:36

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:01
07:35
09:10
10:45
12:19
13:54
15:29
17:03

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:38
20:03
21:29
22:54
00:19
01:45
03:10
04:36
04:30–05:15
11:54–12:44
13:17–14:46
09:10–10:45
13:54–15:29
06:01–07:35
05:20–06:50

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:01
07:04
08:07
09:10
10:13
11:16
12:19
13:22
14:25
15:29
16:32
17:35

रात के होरा

12·57 मि
18:38
19:35
20:32
21:29
22:26
23:23
00:19
01:16
02:13
03:10
04:07
05:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
5 सितंबर 2026 को कृष्ण नवमी तिथि 21:54 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
5 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
5 सितंबर 2026 को नक्षत्र मृगशिरा और योग वज्र है।
5 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है।
5 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:10 से 10:45 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।