मुख्य सामग्री पर जाएँ

मंगलवार, 8 सितंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। द्वादशी तिथि दोपहर तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में शाम तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:43 तक शुभ है; राहु काल 15:26 से 17:00 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 17:04 से 14:43 तक

    • फिर

      कृष्ण त्रयोदशी

      14:43 – अगले दिन 12:31

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 18:14 से 16:39 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      16:39 – अगले दिन 15:14

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      03:38 से अगले दिन 00:40 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      03:53 से 14:43 तक

    • फिर

      गर

      14:43 – अगले दिन 01:35

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · मंगल

00061218रोग · 06:02 – 07:36उद्वेग · 07:36 – 09:10चल · 09:10 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:18अमृत · 12:18 – 13:52काल · 13:52 – 15:26शुभ · 15:26 – 17:00रोग · 17:00 – 18:34काल · 18:34 – 20:00लाभ · 20:00 – 21:26उद्वेग · 21:26 – 22:52शुभ · 22:52 – 00:18अमृत · 00:18 – 01:44चल · 01:44 – 03:11रोग · 03:11 – 04:37काल · 04:37 – 06:03रोग · 06:02 – 07:36लाभ · 07:36 – 09:10धन · 09:10 – 10:44सुख · 10:44 – 12:18चोर · 12:18 – 13:52उद्योग · 13:52 – 15:26विष · 15:26 – 17:00अमृत · 17:00 – 18:34चोर · 18:34 – 20:00उद्योग · 20:00 – 21:26विष · 21:26 – 22:52अमृत · 22:52 – 00:18रोग · 00:18 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:11धन · 03:11 – 04:37सुख · 04:37 – 06:03ब्रह्म मुहूर्त · 04:31 – 05:16अभिजित मुहूर्त · 11:53 – 12:43अमृत काल · 10:40 – 12:10राहु काल · 15:26 – 17:00यमगण्ड काल · 09:10 – 10:44गुलिक काल · 12:18 – 13:52वर्ज्यम् · 04:42 – 06:12मंगल · 06:02 – 07:05सूर्य · 07:05 – 08:07शुक्र · 08:07 – 09:10बुध · 09:10 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:16शनि · 11:16 – 12:18गुरु · 12:18 – 13:21मंगल · 13:21 – 14:24सूर्य · 14:24 – 15:26शुक्र · 15:26 – 16:29बुध · 16:29 – 17:32चंद्र · 17:32 – 18:34शनि · 18:34 – 19:32गुरु · 19:32 – 20:29मंगल · 20:29 – 21:26सूर्य · 21:26 – 22:24शुक्र · 22:24 – 23:21बुध · 23:21 – 00:18चंद्र · 00:18 – 01:16शनि · 01:16 – 02:13गुरु · 02:13 – 03:11मंगल · 03:11 – 04:08सूर्य · 04:08 – 05:05शुक्र · 05:05 – 06:03

8 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
06:02
07:36
09:10
10:44
12:18
13:52
15:26
17:00

रात का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
18:34
20:00
21:26
22:52
00:18
01:44
03:11
04:37

दिन का गौरी

8·1 घं 34 मि
06:02
07:36
09:10
10:44
12:18
13:52
15:26
17:00

रात का गौरी

8·1 घं 26 मि
18:34
20:00
21:26
22:52
00:18
01:44
03:11
04:37
04:31–05:16
11:53–12:43
10:40–12:10
15:26–17:00
09:10–10:44
12:18–13:52
04:42–06:12

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:02
07:05
08:07
09:10
10:13
11:16
12:18
13:21
14:24
15:26
16:29
17:32

रात के होरा

12·57 मि
18:34
19:32
20:29
21:26
22:24
23:21
00:18
01:16
02:13
03:11
04:08
05:05

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
8 सितंबर 2026 को कृष्ण द्वादशी तिथि 14:43 तक है, फिर कृष्ण त्रयोदशी आरंभ होती है।
8 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
8 सितंबर 2026 को नक्षत्र पुष्य और योग परिघ है।
8 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है।
8 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:26 से 17:00 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।