होलिका दहन 2026
सोमवार, 2 मार्च 2026
होली से एक शाम पहले का दहन — फाल्गुन पूर्णिमा के प्रदोष काल में, भद्रा बीत जाने पर अग्नि प्रज्वलित की जाती है। यह वर्ष भर के द्वेष को जलाने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति है।
पूजा मुहूर्त · प्रदोष काल, भद्रा में
18:21 – 20:50
2 घं 29 मि
इस वर्ष पूरी संध्या भद्रा का साया है और भद्रा आधी रात के बाद तक रहती है, जबकि तिथि अगली संध्या से पहले समाप्त हो जाती है। यहाँ पंचांगों में मतभेद है: कुछ इसी प्रदोष काल में यह कर्म करते हैं, कुछ देर रात भद्रा पुच्छ में या अगले दिन। अपनी पारिवारिक या स्थानीय परंपरा का पालन करें।
तिथि पूर्णिमा 3 मार्च 17:07 तक
चान्द्र मास फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- सूर्योदय
- 06:45
- सूर्यास्त
- 18:21
- चंद्रोदय
- 17:21
समय नई दिल्ली, भारत के अनुसार
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उत्तर भारत
होलिका दहन की संध्या को उत्तर भारत में छोटी होली कहा जाता है: सूर्यास्त के बाद होलिका जलती है और अगली सुबह रंग खेले जाते हैं।
इस पर्व के आसपास के त्योहार
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में होलिका दहन कब है?
- 2026 में होलिका दहन सोमवार, 2 मार्च को है। तिथि पूर्णिमा है।
- होलिका दहन 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
- सोमवार, 2 मार्च को नई दिल्ली में: प्रदोष काल, भद्रा में · 18:21 – 20:50। इस वर्ष पूरी संध्या भद्रा का साया है और भद्रा आधी रात के बाद तक रहती है, जबकि तिथि अगली संध्या से पहले समाप्त हो जाती है। यहाँ पंचांगों में मतभेद है: कुछ इसी प्रदोष काल में यह कर्म करते हैं, कुछ देर रात भद्रा पुच्छ में या अगले दिन। अपनी पारिवारिक या स्थानीय परंपरा का पालन करें। अन्य शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है।
- होलिका दहन 2026 के दिन और क्या मनाया जाता है?
- सोमवार, 2 मार्च को छोटी होली भी मनाए जाते हैं।



