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गुरुवार, 10 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 13:58 से 15:33 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल त्रयोदशी

      पिछले दिन 22:55 से अगले दिन 01:01 तक

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन 09:57 से 12:24 तक

    • फिर

      उत्तर फाल्गुनी

      12:24 – अगले दिन 15:10

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 18:25 से 18:58 तक

    • फिर

      ध्रुव

      18:58 – अगले दिन 19:45

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 22:55 से 11:56 तक

    • फिर

      तैतिल

      11:56 – अगले दिन 01:01

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल त्रयोदशी · गुरु

00061218शुभ · 06:01 – 07:36रोग · 07:36 – 09:11उद्वेग · 09:11 – 10:47चल · 10:47 – 12:22लाभ · 12:22 – 13:58अमृत · 13:58 – 15:33काल · 15:33 – 17:08शुभ · 17:08 – 18:44अमृत · 18:44 – 20:08चल · 20:08 – 21:33रोग · 21:33 – 22:57काल · 22:57 – 00:22लाभ · 00:22 – 01:46उद्वेग · 01:46 – 03:11शुभ · 03:11 – 04:35अमृत · 04:35 – 06:00धन · 06:01 – 07:36सुख · 07:36 – 09:11चोर · 09:11 – 10:47उद्योग · 10:47 – 12:22अमृत · 12:22 – 13:58विष · 13:58 – 15:33रोग · 15:33 – 17:08लाभ · 17:08 – 18:44अमृत · 18:44 – 20:08विष · 20:08 – 21:33रोग · 21:33 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:22धन · 00:22 – 01:46सुख · 01:46 – 03:11चोर · 03:11 – 04:35उद्योग · 04:35 – 06:00ब्रह्म मुहूर्त · 04:30 – 05:15अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48अमृत काल · 05:21 – 07:07राहु काल · 13:58 – 15:33यमगण्ड काल · 06:01 – 07:36गुलिक काल · 09:11 – 10:47वर्ज्यम् · 20:26 – 22:13गुरु · 06:01 – 07:04मंगल · 07:04 – 08:08सूर्य · 08:08 – 09:11शुक्र · 09:11 – 10:15बुध · 10:15 – 11:19चंद्र · 11:19 – 12:22शनि · 12:22 – 13:26गुरु · 13:26 – 14:29मंगल · 14:29 – 15:33सूर्य · 15:33 – 16:36शुक्र · 16:36 – 17:40बुध · 17:40 – 18:44चंद्र · 18:44 – 19:40शनि · 19:40 – 20:36गुरु · 20:36 – 21:33मंगल · 21:33 – 22:29सूर्य · 22:29 – 23:25शुक्र · 23:25 – 00:22बुध · 00:22 – 01:18चंद्र · 01:18 – 02:14शनि · 02:14 – 03:11गुरु · 03:11 – 04:07मंगल · 04:07 – 05:03सूर्य · 05:03 – 06:00

10 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:01
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:11
04:35

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:01
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:11
04:35
04:30–05:15
11:57–12:48
05:21–07:07
13:58–15:33
06:01–07:36
09:11–10:47
20:26–22:13

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
06:01
07:04
08:08
09:11
10:15
11:19
12:22
13:26
14:29
15:33
16:36
17:40

रात के होरा

12·56 मि
18:44
19:40
20:36
21:33
22:29
23:25
00:22
01:18
02:14
03:11
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
10 अप्रैल 2025 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 11 अप्रैल 01:01 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
10 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
10 अप्रैल 2025 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग वृद्धि है।
10 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है।
10 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:58 से 15:33 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।