मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 10 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि शाम तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर कृत्तिका में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:22 से 13:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 20:31 से 17:32 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      17:32 – अगले दिन 15:03

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी · पाद 1

      05:06 से अगले दिन 03:05 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 14:18 से 10:37 तक

    • फिर

      प्रीति

      10:37 – अगले दिन 07:18

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 20:31 से 06:58 तक

    • फिर

      कौलव

      06:58 – 17:32

    • फिर

      तैतिल

      17:32 – अगले दिन 04:13

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · बुध

00061218लाभ · 06:00 – 07:36अमृत · 07:36 – 09:11काल · 09:11 – 10:47शुभ · 10:47 – 12:22रोग · 12:22 – 13:58उद्वेग · 13:58 – 15:33चल · 15:33 – 17:08लाभ · 17:08 – 18:44उद्वेग · 18:44 – 20:08शुभ · 20:08 – 21:33अमृत · 21:33 – 22:57चल · 22:57 – 00:22रोग · 00:22 – 01:46काल · 01:46 – 03:10लाभ · 03:10 – 04:35उद्वेग · 04:35 – 05:59लाभ · 06:00 – 07:36धन · 07:36 – 09:11सुख · 09:11 – 10:47चोर · 10:47 – 12:22विष · 12:22 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:33अमृत · 15:33 – 17:08रोग · 17:08 – 18:44उद्योग · 18:44 – 20:08अमृत · 20:08 – 21:33रोग · 21:33 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:22धन · 00:22 – 01:46सुख · 01:46 – 03:10चोर · 03:10 – 04:35विष · 04:35 – 05:59ब्रह्म मुहूर्त · 04:30 – 05:15अमृत काल · 22:41 – 00:09राहु काल · 12:22 – 13:58यमगण्ड काल · 07:36 – 09:11गुलिक काल · 10:47 – 12:22वर्ज्यम् · 13:54 – 15:22बुध · 06:00 – 07:04चंद्र · 07:04 – 08:08शनि · 08:08 – 09:11गुरु · 09:11 – 10:15मंगल · 10:15 – 11:18सूर्य · 11:18 – 12:22शुक्र · 12:22 – 13:26बुध · 13:26 – 14:29चंद्र · 14:29 – 15:33शनि · 15:33 – 16:37गुरु · 16:37 – 17:40मंगल · 17:40 – 18:44सूर्य · 18:44 – 19:40शुक्र · 19:40 – 20:36बुध · 20:36 – 21:33चंद्र · 21:33 – 22:29शनि · 22:29 – 23:25गुरु · 23:25 – 00:22मंगल · 00:22 – 01:18सूर्य · 01:18 – 02:14शुक्र · 02:14 – 03:10बुध · 03:10 – 04:07चंद्र · 04:07 – 05:03शनि · 05:03 – 05:59

10 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:00
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:10
04:35

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:00
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:10
04:35
04:30–05:15
22:41–00:09
12:22–13:58
07:36–09:11
10:47–12:22
13:54–15:22

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
06:00
07:04
08:08
09:11
10:15
11:18
12:22
13:26
14:29
15:33
16:37
17:40

रात के होरा

12·56 मि
18:44
19:40
20:36
21:33
22:29
23:25
00:22
01:18
02:14
03:10
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
10 अप्रैल 2024 को शुक्ल द्वितीया तिथि 17:32 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
10 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
10 अप्रैल 2024 को नक्षत्र भरणी और योग विष्कुम्भ है।
10 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है।
10 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:22 से 13:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।