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शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि शाम तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 10:43 से 12:20 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 15:23 से 17:07 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      17:07 – अगले दिन 18:22

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 05:55 से 08:21 तक

    • फिर

      मूल

      08:21 – अगले दिन 10:21

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      00:50 से अगले दिन 01:03 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      04:19 से 17:07 तक

    • फिर

      गर

      17:07 – अगले दिन 05:49

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · शुक्र

00061218चल · 05:52 – 07:29लाभ · 07:29 – 09:06अमृत · 09:06 – 10:43काल · 10:43 – 12:20शुभ · 12:20 – 13:57रोग · 13:57 – 15:34उद्वेग · 15:34 – 17:11चल · 17:11 – 18:48रोग · 18:48 – 20:11काल · 20:11 – 21:34लाभ · 21:34 – 22:57उद्वेग · 22:57 – 00:20शुभ · 00:20 – 01:43अमृत · 01:43 – 03:05चल · 03:05 – 04:28रोग · 04:28 – 05:51सुख · 05:52 – 07:29चोर · 07:29 – 09:06उद्योग · 09:06 – 10:43विष · 10:43 – 12:20अमृत · 12:20 – 13:57रोग · 13:57 – 15:34लाभ · 15:34 – 17:11धन · 17:11 – 18:48रोग · 18:48 – 20:11लाभ · 20:11 – 21:34धन · 21:34 – 22:57सुख · 22:57 – 00:20चोर · 00:20 – 01:43उद्योग · 01:43 – 03:05विष · 03:05 – 04:28अमृत · 04:28 – 05:51ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:08अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:46अमृत काल · 03:25 – 05:09राहु काल · 10:43 – 12:20यमगण्ड काल · 15:34 – 17:11गुलिक काल · 07:29 – 09:06शुक्र · 05:52 – 06:57बुध · 06:57 – 08:02चंद्र · 08:02 – 09:06शनि · 09:06 – 10:11गुरु · 10:11 – 11:16मंगल · 11:16 – 12:20सूर्य · 12:20 – 13:25शुक्र · 13:25 – 14:30बुध · 14:30 – 15:34चंद्र · 15:34 – 16:39शनि · 16:39 – 17:44गुरु · 17:44 – 18:48मंगल · 18:48 – 19:43सूर्य · 19:43 – 20:39शुक्र · 20:39 – 21:34बुध · 21:34 – 22:29चंद्र · 22:29 – 23:24शनि · 23:24 – 00:20गुरु · 00:20 – 01:15मंगल · 01:15 – 02:10सूर्य · 02:10 – 03:05शुक्र · 03:05 – 04:01बुध · 04:01 – 04:56चंद्र · 04:56 – 05:51

18 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
05:52
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:05
04:28

दिन का गौरी

8·1 घं 37 मि
05:52
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात का गौरी

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:05
04:28
04:24–05:08
11:54–12:46
03:25–05:09
10:43–12:20
15:34–17:11
07:29–09:06

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:52
06:57
08:02
09:06
10:11
11:16
12:20
13:25
14:30
15:34
16:39
17:44

रात के होरा

12·55 मि
18:48
19:43
20:39
21:34
22:29
23:24
00:20
01:15
02:10
03:05
04:01
04:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
18 अप्रैल 2025 को कृष्ण पंचमी तिथि 17:07 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
18 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
18 अप्रैल 2025 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग परिघ है।
18 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है।
18 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:43 से 12:20 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।