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शनिवार, 18 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। प्रतिपदा तिथि दोपहर तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर भरणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 09:06 से 10:43 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मेष राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      पिछले दिन 17:21 से 14:11 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वितीया

      14:11 – अगले दिन 10:49

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 12:02 से 09:42 तक

    • फिर

      भरणी

      09:42 – अगले दिन 07:10

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      03:45 से 23:56 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      23:56 – अगले दिन 20:02

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      03:48 से 14:11 तक

    • फिर

      बालव

      14:11 – अगले दिन 00:31

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · शनि

00061218काल · 05:52 – 07:29शुभ · 07:29 – 09:06रोग · 09:06 – 10:43उद्वेग · 10:43 – 12:20चल · 12:20 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:34अमृत · 15:34 – 17:11काल · 17:11 – 18:48लाभ · 18:48 – 20:11उद्वेग · 20:11 – 21:34शुभ · 21:34 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:20चल · 00:20 – 01:43रोग · 01:43 – 03:06काल · 03:06 – 04:28लाभ · 04:28 – 05:51चोर · 05:52 – 07:29उद्योग · 07:29 – 09:06विष · 09:06 – 10:43अमृत · 10:43 – 12:20रोग · 12:20 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:34धन · 15:34 – 17:11सुख · 17:11 – 18:48लाभ · 18:48 – 20:11धन · 20:11 – 21:34सुख · 21:34 – 22:57चोर · 22:57 – 00:20उद्योग · 00:20 – 01:43विष · 01:43 – 03:06अमृत · 03:06 – 04:28रोग · 04:28 – 05:51ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:08अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:46अमृत काल · 02:52 – 04:18राहु काल · 09:06 – 10:43यमगण्ड काल · 13:57 – 15:34गुलिक काल · 05:52 – 07:29वर्ज्यम् · 06:05 – 07:32शनि · 05:52 – 06:57गुरु · 06:57 – 08:02मंगल · 08:02 – 09:06सूर्य · 09:06 – 10:11शुक्र · 10:11 – 11:16बुध · 11:16 – 12:20चंद्र · 12:20 – 13:25शनि · 13:25 – 14:30गुरु · 14:30 – 15:34मंगल · 15:34 – 16:39सूर्य · 16:39 – 17:43शुक्र · 17:43 – 18:48बुध · 18:48 – 19:43चंद्र · 19:43 – 20:39शनि · 20:39 – 21:34गुरु · 21:34 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:24सूर्य · 23:24 – 00:20शुक्र · 00:20 – 01:15बुध · 01:15 – 02:10चंद्र · 02:10 – 03:06शनि · 03:06 – 04:01गुरु · 04:01 – 04:56मंगल · 04:56 – 05:51

18 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
05:52
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:28

दिन का गौरी

8·1 घं 37 मि
05:52
07:29
09:06
10:43
12:20
13:57
15:34
17:11

रात का गौरी

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:28
04:24–05:08
11:54–12:46
02:52–04:18
09:06–10:43
13:57–15:34
05:52–07:29
06:05–07:32

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:52
06:57
08:02
09:06
10:11
11:16
12:20
13:25
14:30
15:34
16:39
17:43

रात के होरा

12·55 मि
18:48
19:43
20:39
21:34
22:29
23:24
00:20
01:15
02:10
03:06
04:01
04:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
18 अप्रैल 2026 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 14:11 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
18 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
18 अप्रैल 2026 को नक्षत्र अश्विनी और योग प्रीति है।
18 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है।
18 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:06 से 10:43 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।