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शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। द्वादशी तिथि सुबह तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 10:40 से 12:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 14:32 से 11:45 तक

    • फिर

      कृष्ण त्रयोदशी

      11:45 – अगले दिन 08:28

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 10:49 से 08:53 तक

    • फिर

      उत्तर भाद्रपदा

      08:53 – अगले दिन 06:27

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 15:55 से 12:30 तक

    • फिर

      वैधृति

      12:30 – अगले दिन 08:41

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      01:13 से 11:45 तक

    • फिर

      गर

      11:45 – 22:09

    • फिर

      वणिज

      22:09 – अगले दिन 08:28

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · शुक्र

00061218चल · 05:45 – 07:24लाभ · 07:24 – 09:02अमृत · 09:02 – 10:40काल · 10:40 – 12:19शुभ · 12:19 – 13:57रोग · 13:57 – 15:36उद्वेग · 15:36 – 17:14चल · 17:14 – 18:52रोग · 18:52 – 20:14काल · 20:14 – 21:35लाभ · 21:35 – 22:57उद्वेग · 22:57 – 00:18शुभ · 00:18 – 01:40अमृत · 01:40 – 03:01चल · 03:01 – 04:23रोग · 04:23 – 05:44सुख · 05:45 – 07:24चोर · 07:24 – 09:02उद्योग · 09:02 – 10:40विष · 10:40 – 12:19अमृत · 12:19 – 13:57रोग · 13:57 – 15:36लाभ · 15:36 – 17:14धन · 17:14 – 18:52रोग · 18:52 – 20:14लाभ · 20:14 – 21:35धन · 21:35 – 22:57सुख · 22:57 – 00:18चोर · 00:18 – 01:40उद्योग · 01:40 – 03:01विष · 03:01 – 04:23अमृत · 04:23 – 05:44ब्रह्म मुहूर्त · 04:18 – 05:02अभिजित मुहूर्त · 11:53 – 12:45अमृत काल · 02:08 – 03:34राहु काल · 10:40 – 12:19यमगण्ड काल · 15:36 – 17:14गुलिक काल · 07:24 – 09:02वर्ज्यम् · 17:31 – 18:57शुक्र · 05:45 – 06:51बुध · 06:51 – 07:56चंद्र · 07:56 – 09:02शनि · 09:02 – 10:08गुरु · 10:08 – 11:13मंगल · 11:13 – 12:19सूर्य · 12:19 – 13:24शुक्र · 13:24 – 14:30बुध · 14:30 – 15:36चंद्र · 15:36 – 16:41शनि · 16:41 – 17:47गुरु · 17:47 – 18:52मंगल · 18:52 – 19:47सूर्य · 19:47 – 20:41शुक्र · 20:41 – 21:35बुध · 21:35 – 22:30चंद्र · 22:30 – 23:24शनि · 23:24 – 00:18गुरु · 00:18 – 01:13मंगल · 01:13 – 02:07सूर्य · 02:07 – 03:01शुक्र · 03:01 – 03:56बुध · 03:56 – 04:50चंद्र · 04:50 – 05:44

25 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:45
07:24
09:02
10:40
12:19
13:57
15:36
17:14

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:52
20:14
21:35
22:57
00:18
01:40
03:01
04:23

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:45
07:24
09:02
10:40
12:19
13:57
15:36
17:14

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:52
20:14
21:35
22:57
00:18
01:40
03:01
04:23
04:18–05:02
11:53–12:45
02:08–03:34
10:40–12:19
15:36–17:14
07:24–09:02
17:31–18:57

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:45
06:51
07:56
09:02
10:08
11:13
12:19
13:24
14:30
15:36
16:41
17:47

रात के होरा

12·54 मि
18:52
19:47
20:41
21:35
22:30
23:24
00:18
01:13
02:07
03:01
03:56
04:50

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
25 अप्रैल 2025 को कृष्ण द्वादशी तिथि 11:45 तक है, फिर कृष्ण त्रयोदशी आरंभ होती है।
25 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 अप्रैल 2025 को नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग ऐन्द्र है।
25 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है।
25 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:40 से 12:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।