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गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। वरूथिनी एकादशी तिथि दोपहर तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 13:57 से 15:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • वरूथिनी एकादशी

      पिछले दिन 16:43 से 14:32 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      14:32 – अगले दिन 11:45

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 12:07 से 10:49 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      10:49 – अगले दिन 08:53

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 18:51 से 15:55 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      15:55 – अगले दिन 12:30

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      03:43 से 14:32 तक

    • फिर

      कौलव

      14:32 – अगले दिन 01:13

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · गुरु

00061218शुभ · 05:46 – 07:24रोग · 07:24 – 09:03उद्वेग · 09:03 – 10:41चल · 10:41 – 12:19लाभ · 12:19 – 13:57अमृत · 13:57 – 15:35काल · 15:35 – 17:14शुभ · 17:14 – 18:52अमृत · 18:52 – 20:13चल · 20:13 – 21:35रोग · 21:35 – 22:57काल · 22:57 – 00:19लाभ · 00:19 – 01:40उद्वेग · 01:40 – 03:02शुभ · 03:02 – 04:24अमृत · 04:24 – 05:45धन · 05:46 – 07:24सुख · 07:24 – 09:03चोर · 09:03 – 10:41उद्योग · 10:41 – 12:19अमृत · 12:19 – 13:57विष · 13:57 – 15:35रोग · 15:35 – 17:14लाभ · 17:14 – 18:52अमृत · 18:52 – 20:13विष · 20:13 – 21:35रोग · 21:35 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:19धन · 00:19 – 01:40सुख · 01:40 – 03:02चोर · 03:02 – 04:24उद्योग · 04:24 – 05:45ब्रह्म मुहूर्त · 04:19 – 05:03अभिजित मुहूर्त · 11:53 – 12:45अमृत काल · 01:32 – 03:00राहु काल · 13:57 – 15:35यमगण्ड काल · 05:46 – 07:24गुलिक काल · 09:03 – 10:41वर्ज्यम् · 16:42 – 18:10गुरु · 05:46 – 06:52मंगल · 06:52 – 07:57सूर्य · 07:57 – 09:03शुक्र · 09:03 – 10:08बुध · 10:08 – 11:14चंद्र · 11:14 – 12:19शनि · 12:19 – 13:24गुरु · 13:24 – 14:30मंगल · 14:30 – 15:35सूर्य · 15:35 – 16:41शुक्र · 16:41 – 17:46बुध · 17:46 – 18:52चंद्र · 18:52 – 19:46शनि · 19:46 – 20:41गुरु · 20:41 – 21:35मंगल · 21:35 – 22:30सूर्य · 22:30 – 23:24शुक्र · 23:24 – 00:19बुध · 00:19 – 01:13चंद्र · 01:13 – 02:07शनि · 02:07 – 03:02गुरु · 03:02 – 03:56मंगल · 03:56 – 04:51सूर्य · 04:51 – 05:45

24 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:46
07:24
09:03
10:41
12:19
13:57
15:35
17:14

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:52
20:13
21:35
22:57
00:19
01:40
03:02
04:24

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:46
07:24
09:03
10:41
12:19
13:57
15:35
17:14

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:52
20:13
21:35
22:57
00:19
01:40
03:02
04:24
04:19–05:03
11:53–12:45
01:32–03:00
13:57–15:35
05:46–07:24
09:03–10:41
16:42–18:10

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:46
06:52
07:57
09:03
10:08
11:14
12:19
13:24
14:30
15:35
16:41
17:46

रात के होरा

12·54 मि
18:52
19:46
20:41
21:35
22:30
23:24
00:19
01:13
02:07
03:02
03:56
04:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
24 अप्रैल 2025 को वरूथिनी एकादशी तिथि 14:32 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
24 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
24 अप्रैल 2025 को नक्षत्र शतभिषा और योग ब्रह्म है।
24 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है।
24 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:57 से 15:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।