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मंगलवार, 27 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि सुबह तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 15:36 से 17:15 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 07:37 से 09:57 तक

    • फिर

      कृष्ण सप्तमी

      09:57 – अगले दिन 12:31

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 11:30 से 14:25 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      14:25 – अगले दिन 17:30

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सिद्ध

      पिछले दिन 14:48 से 15:42 तक

    • फिर

      साध्य

      15:42 – अगले दिन 16:44

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 20:44 से 09:57 तक

    • फिर

      विष्टि

      09:57 – 23:13

    • फिर

      बव

      23:13 – अगले दिन 12:31

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · मंगल

00061218रोग · 05:44 – 07:23उद्वेग · 07:23 – 09:01चल · 09:01 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:19अमृत · 12:19 – 13:57काल · 13:57 – 15:36शुभ · 15:36 – 17:15रोग · 17:15 – 18:53काल · 18:53 – 20:14लाभ · 20:14 – 21:36उद्वेग · 21:36 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:18अमृत · 00:18 – 01:39चल · 01:39 – 03:01रोग · 03:01 – 04:22काल · 04:22 – 05:43रोग · 05:44 – 07:23लाभ · 07:23 – 09:01धन · 09:01 – 10:40सुख · 10:40 – 12:19चोर · 12:19 – 13:57उद्योग · 13:57 – 15:36विष · 15:36 – 17:15अमृत · 17:15 – 18:53चोर · 18:53 – 20:14उद्योग · 20:14 – 21:36विष · 21:36 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:18रोग · 00:18 – 01:39लाभ · 01:39 – 03:01धन · 03:01 – 04:22सुख · 04:22 – 05:43ब्रह्म मुहूर्त · 04:17 – 05:01अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:45अमृत काल · 09:02 – 10:50राहु काल · 15:36 – 17:15यमगण्ड काल · 09:01 – 10:40गुलिक काल · 12:19 – 13:57वर्ज्यम् · 23:27 – 01:15मंगल · 05:44 – 06:50सूर्य · 06:50 – 07:55शुक्र · 07:55 – 09:01बुध · 09:01 – 10:07चंद्र · 10:07 – 11:13शनि · 11:13 – 12:19गुरु · 12:19 – 13:24मंगल · 13:24 – 14:30सूर्य · 14:30 – 15:36शुक्र · 15:36 – 16:42बुध · 16:42 – 17:47चंद्र · 17:47 – 18:53शनि · 18:53 – 19:47गुरु · 19:47 – 20:42मंगल · 20:42 – 21:36सूर्य · 21:36 – 22:30शुक्र · 22:30 – 23:24बुध · 23:24 – 00:18चंद्र · 00:18 – 01:12शनि · 01:12 – 02:06गुरु · 02:06 – 03:01मंगल · 03:01 – 03:55सूर्य · 03:55 – 04:49शुक्र · 04:49 – 05:43

27 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
05:44
07:23
09:01
10:40
12:19
13:57
15:36
17:15

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
18:53
20:14
21:36
22:57
00:18
01:39
03:01
04:22

दिन का गौरी

8·1 घं 39 मि
05:44
07:23
09:01
10:40
12:19
13:57
15:36
17:15

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
18:53
20:14
21:36
22:57
00:18
01:39
03:01
04:22
04:17–05:01
11:52–12:45
09:02–10:50
15:36–17:15
09:01–10:40
12:19–13:57
23:27–01:15

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:44
06:50
07:55
09:01
10:07
11:13
12:19
13:24
14:30
15:36
16:42
17:47

रात के होरा

12·54 मि
18:53
19:47
20:42
21:36
22:30
23:24
00:18
01:12
02:06
03:01
03:55
04:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
27 अप्रैल 2027 को कृष्ण षष्ठी तिथि 09:57 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
27 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
27 अप्रैल 2027 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग सिद्ध है।
27 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है।
27 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:36 से 17:15 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।