बुधवार, 28 अप्रैल 2027
दैनिक पंचांग
बुधवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि दोपहर तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर श्रवण में। राहु काल 12:18 से 13:57 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण सप्तमी
पिछले दिन 09:57 से 12:31 तक
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फिर
कृष्ण अष्टमी
12:31 – अगले दिन 15:01
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
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बुधवार
बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन 14:25 से 17:30 तक
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फिर
श्रवण
17:30 – अगले दिन 20:30
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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साध्य
पिछले दिन 15:42 से 16:44 तक
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फिर
शुभ
16:44 – अगले दिन 17:42
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बव
पिछले दिन 23:13 से 12:31 तक
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फिर
बालव
12:31 – अगले दिन 01:47
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · बुध
28 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 39 मि| 05:4307:22 | ||
| 07:2209:01 | ||
| 09:0110:40 | ||
| 10:4012:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:36 | ||
| 15:3617:15 | ||
| 17:1518:54 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 21 मि| 18:5420:15 | ||
| 20:1521:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:39 | ||
| 01:3903:00 | ||
| 03:0004:21 | ||
| 04:2105:42 |
दिन का गौरी
8·1 घं 39 मि| 05:4307:22 | ||
| 07:2209:01 | ||
| 09:0110:40 | ||
| 10:4012:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:36 | ||
| 15:3617:15 | ||
| 17:1518:54 |
रात का गौरी
8·1 घं 21 मि| 18:5420:15 | ||
| 20:1521:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:39 | ||
| 01:3903:00 | ||
| 03:0004:21 | ||
| 04:2105:42 |
| 04:16–05:00 | ||
| 10:17–12:05 | ||
| 12:18–13:57 | ||
| 07:22–09:01 | ||
| 10:40–12:18 | ||
| 22:00–23:48 |
दिन के होरा
12·1 घं 6 मि| 05:4306:49 | ||
| 06:4907:55 | ||
| 07:5509:01 | ||
| 09:0110:07 | ||
| 10:0711:13 | ||
| 11:1312:18 | ||
| 12:1813:24 | ||
| 13:2414:30 | ||
| 14:3015:36 | ||
| 15:3616:42 | ||
| 16:4217:48 | ||
| 17:4818:54 |
रात के होरा
12·54 मि| 18:5419:48 | ||
| 19:4820:42 | ||
| 20:4221:36 | ||
| 21:3622:30 | ||
| 22:3023:24 | ||
| 23:2400:18 | ||
| 00:1801:12 | ||
| 01:1202:06 | ||
| 02:0603:00 | ||
| 03:0003:54 | ||
| 03:5404:48 | ||
| 04:4805:42 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
- 28 अप्रैल 2027 को कृष्ण सप्तमी तिथि 12:31 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
- 28 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 28 अप्रैल 2027 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग साध्य है।
- 28 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है।
- 28 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 12:18 से 13:57 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



