मुख्य सामग्री पर जाएँ

मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। द्वादशी तिथि शाम तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 15:36 से 17:15 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन 18:16 से 18:52 तक

    • फिर

      शुक्ल त्रयोदशी

      18:52 – अगले दिन 19:52

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 21:18 से 22:36 तक

    • फिर

      हस्त

      22:36 – अगले दिन 00:16

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • व्याघात

      पिछले दिन 21:35 से 21:04 तक

    • फिर

      हर्षण

      21:04 – अगले दिन 20:51

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      पिछले दिन 18:16 से 06:31 तक

    • फिर

      बालव

      06:31 – 18:52

    • फिर

      कौलव

      18:52 – अगले दिन 07:19

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · मंगल

00061218रोग · 05:43 – 07:22उद्वेग · 07:22 – 09:01चल · 09:01 – 10:39लाभ · 10:39 – 12:18अमृत · 12:18 – 13:57काल · 13:57 – 15:36शुभ · 15:36 – 17:15रोग · 17:15 – 18:54काल · 18:54 – 20:15लाभ · 20:15 – 21:36उद्वेग · 21:36 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:18अमृत · 00:18 – 01:39चल · 01:39 – 03:00रोग · 03:00 – 04:21काल · 04:21 – 05:42रोग · 05:43 – 07:22लाभ · 07:22 – 09:01धन · 09:01 – 10:39सुख · 10:39 – 12:18चोर · 12:18 – 13:57उद्योग · 13:57 – 15:36विष · 15:36 – 17:15अमृत · 17:15 – 18:54चोर · 18:54 – 20:15उद्योग · 20:15 – 21:36विष · 21:36 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:18रोग · 00:18 – 01:39लाभ · 01:39 – 03:00धन · 03:00 – 04:21सुख · 04:21 – 05:42ब्रह्म मुहूर्त · 04:16 – 04:59अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:45अमृत काल · 15:01 – 16:42राहु काल · 15:36 – 17:15यमगण्ड काल · 09:01 – 10:39गुलिक काल · 12:18 – 13:57वर्ज्यम् · 04:54 – 06:35मंगल · 05:43 – 06:49सूर्य · 06:49 – 07:55शुक्र · 07:55 – 09:01बुध · 09:01 – 10:07चंद्र · 10:07 – 11:12शनि · 11:12 – 12:18गुरु · 12:18 – 13:24मंगल · 13:24 – 14:30सूर्य · 14:30 – 15:36शुक्र · 15:36 – 16:42बुध · 16:42 – 17:48चंद्र · 17:48 – 18:54शनि · 18:54 – 19:48गुरु · 19:48 – 20:42मंगल · 20:42 – 21:36सूर्य · 21:36 – 22:30शुक्र · 22:30 – 23:24बुध · 23:24 – 00:18चंद्र · 00:18 – 01:12शनि · 01:12 – 02:06गुरु · 02:06 – 03:00मंगल · 03:00 – 03:54सूर्य · 03:54 – 04:48शुक्र · 04:48 – 05:42

28 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
05:43
07:22
09:01
10:39
12:18
13:57
15:36
17:15

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
18:54
20:15
21:36
22:57
00:18
01:39
03:00
04:21

दिन का गौरी

8·1 घं 39 मि
05:43
07:22
09:01
10:39
12:18
13:57
15:36
17:15

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
18:54
20:15
21:36
22:57
00:18
01:39
03:00
04:21
04:16–04:59
11:52–12:45
15:01–16:42
15:36–17:15
09:01–10:39
12:18–13:57
04:54–06:35

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:43
06:49
07:55
09:01
10:07
11:12
12:18
13:24
14:30
15:36
16:42
17:48

रात के होरा

12·54 मि
18:54
19:48
20:42
21:36
22:30
23:24
00:18
01:12
02:06
03:00
03:54
04:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
28 अप्रैल 2026 को शुक्ल द्वादशी तिथि 18:52 तक है, फिर शुक्ल त्रयोदशी आरंभ होती है।
28 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
28 अप्रैल 2026 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग व्याघात है।
28 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है।
28 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:36 से 17:15 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।