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गुरुवार, 29 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। अष्टमी तिथि दोपहर तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में रात तक है, फिर धनिष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 13:57 से 15:36 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 12:31 से 15:01 तक

    • फिर

      कृष्ण नवमी

      15:01 – अगले दिन 17:14

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 17:30 से 20:30 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      20:30 – अगले दिन 23:10

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शुभ

      पिछले दिन 16:44 से 17:42 तक

    • फिर

      शुक्ल

      17:42 – अगले दिन 18:25

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      01:47 से 15:01 तक

    • फिर

      तैतिल

      15:01 – अगले दिन 04:11

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · गुरु

00061218शुभ · 05:42 – 07:21रोग · 07:21 – 09:00उद्वेग · 09:00 – 10:39चल · 10:39 – 12:18लाभ · 12:18 – 13:57अमृत · 13:57 – 15:36काल · 15:36 – 17:15शुभ · 17:15 – 18:54अमृत · 18:54 – 20:15चल · 20:15 – 21:36रोग · 21:36 – 22:57काल · 22:57 – 00:18लाभ · 00:18 – 01:39उद्वेग · 01:39 – 03:00शुभ · 03:00 – 04:20अमृत · 04:20 – 05:41धन · 05:42 – 07:21सुख · 07:21 – 09:00चोर · 09:00 – 10:39उद्योग · 10:39 – 12:18अमृत · 12:18 – 13:57विष · 13:57 – 15:36रोग · 15:36 – 17:15लाभ · 17:15 – 18:54अमृत · 18:54 – 20:15विष · 20:15 – 21:36रोग · 21:36 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:18धन · 00:18 – 01:39सुख · 01:39 – 03:00चोर · 03:00 – 04:20उद्योग · 04:20 – 05:41ब्रह्म मुहूर्त · 04:16 – 04:59अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:45अमृत काल · 08:48 – 10:36राहु काल · 13:57 – 15:36यमगण्ड काल · 05:42 – 07:21गुलिक काल · 09:00 – 10:39वर्ज्यम् · 00:57 – 02:44गुरु · 05:42 – 06:48मंगल · 06:48 – 07:54सूर्य · 07:54 – 09:00शुक्र · 09:00 – 10:06बुध · 10:06 – 11:12चंद्र · 11:12 – 12:18शनि · 12:18 – 13:24गुरु · 13:24 – 14:30मंगल · 14:30 – 15:36सूर्य · 15:36 – 16:42शुक्र · 16:42 – 17:48बुध · 17:48 – 18:54चंद्र · 18:54 – 19:48शनि · 19:48 – 20:42गुरु · 20:42 – 21:36मंगल · 21:36 – 22:30सूर्य · 22:30 – 23:24शुक्र · 23:24 – 00:18बुध · 00:18 – 01:12चंद्र · 01:12 – 02:06शनि · 02:06 – 03:00गुरु · 03:00 – 03:53मंगल · 03:53 – 04:47सूर्य · 04:47 – 05:41

29 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
05:42
07:21
09:00
10:39
12:18
13:57
15:36
17:15

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
18:54
20:15
21:36
22:57
00:18
01:39
03:00
04:20

दिन का गौरी

8·1 घं 39 मि
05:42
07:21
09:00
10:39
12:18
13:57
15:36
17:15

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
18:54
20:15
21:36
22:57
00:18
01:39
03:00
04:20
04:16–04:59
11:52–12:45
08:48–10:36
13:57–15:36
05:42–07:21
09:00–10:39
00:57–02:44

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:42
06:48
07:54
09:00
10:06
11:12
12:18
13:24
14:30
15:36
16:42
17:48

रात के होरा

12·54 मि
18:54
19:48
20:42
21:36
22:30
23:24
00:18
01:12
02:06
03:00
03:53
04:47

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
29 अप्रैल 2027 को कृष्ण अष्टमी तिथि 15:01 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
29 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
29 अप्रैल 2027 को नक्षत्र श्रवण और योग शुभ है।
29 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है।
29 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:57 से 15:36 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।