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सोमवार, 6 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्थी तिथि दोपहर तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:49 तक शुभ है; राहु काल 07:40 से 09:14 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 12:00 से 14:11 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      14:11 – अगले दिन 16:34

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 1

      00:07 से अगले दिन 02:56 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 14:43 से 15:25 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      15:25 – अगले दिन 16:16

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      01:03 से 14:11 तक

    • फिर

      कौलव

      14:11 – अगले दिन 03:21

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · सोम

00061218अमृत · 06:05 – 07:40काल · 07:40 – 09:14शुभ · 09:14 – 10:49रोग · 10:49 – 12:23उद्वेग · 12:23 – 13:58चल · 13:58 – 15:32लाभ · 15:32 – 17:07अमृत · 17:07 – 18:41चल · 18:41 – 20:07रोग · 20:07 – 21:32काल · 21:32 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:23उद्वेग · 00:23 – 01:48शुभ · 01:48 – 03:14अमृत · 03:14 – 04:39चल · 04:39 – 06:04अमृत · 06:05 – 07:40विष · 07:40 – 09:14रोग · 09:14 – 10:49लाभ · 10:49 – 12:23धन · 12:23 – 13:58सुख · 13:58 – 15:32चोर · 15:32 – 17:07उद्योग · 17:07 – 18:41सुख · 18:41 – 20:07चोर · 20:07 – 21:32उद्योग · 21:32 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:23विष · 00:23 – 01:48रोग · 01:48 – 03:14लाभ · 03:14 – 04:39धन · 04:39 – 06:04ब्रह्म मुहूर्त · 04:34 – 05:20अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:49अमृत काल · 15:19 – 17:06राहु काल · 07:40 – 09:14यमगण्ड काल · 10:49 – 12:23गुलिक काल · 13:58 – 15:32वर्ज्यम् · 04:36 – 06:23चंद्र · 06:05 – 07:08शनि · 07:08 – 08:11गुरु · 08:11 – 09:14मंगल · 09:14 – 10:17सूर्य · 10:17 – 11:20शुक्र · 11:20 – 12:23बुध · 12:23 – 13:26चंद्र · 13:26 – 14:29शनि · 14:29 – 15:32गुरु · 15:32 – 16:35मंगल · 16:35 – 17:38सूर्य · 17:38 – 18:41शुक्र · 18:41 – 19:38बुध · 19:38 – 20:35चंद्र · 20:35 – 21:32शनि · 21:32 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:26मंगल · 23:26 – 00:23सूर्य · 00:23 – 01:20शुक्र · 01:20 – 02:17बुध · 02:17 – 03:14चंद्र · 03:14 – 04:10शनि · 04:10 – 05:07गुरु · 05:07 – 06:04

6 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
06:05
07:40
09:14
10:49
12:23
13:58
15:32
17:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:41
20:07
21:32
22:57
00:23
01:48
03:14
04:39

दिन का गौरी

8·1 घं 34 मि
06:05
07:40
09:14
10:49
12:23
13:58
15:32
17:07

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:41
20:07
21:32
22:57
00:23
01:48
03:14
04:39
04:34–05:20
11:58–12:49
15:19–17:06
07:40–09:14
10:49–12:23
13:58–15:32
04:36–06:23

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:05
07:08
08:11
09:14
10:17
11:20
12:23
13:26
14:29
15:32
16:35
17:38

रात के होरा

12·57 मि
18:41
19:38
20:35
21:32
22:29
23:26
00:23
01:20
02:17
03:14
04:10
05:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
6 अप्रैल 2026 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 14:11 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
6 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
6 अप्रैल 2026 को नक्षत्र अनुराधा और योग सिद्धि है।
6 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है।
6 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:40 से 09:14 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।