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मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि हैं। प्रतिपदा तिथि रात तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में सुबह तक है, फिर अश्विनी में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 15:33 से 17:08 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मीन राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 9 अप्रैल

गुड़ी पड़वा

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

महाराष्ट्रगोवा

दक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।

चैत्र नवरात्रि

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ रातें, हिन्दू चंद्र वर्ष का आरंभ। उपवास, प्रार्थना और भक्ति संगीत के साथ मनाई जाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      पिछले दिन 23:50 से 20:31 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वितीया

      20:31 – अगले दिन 17:32

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन 10:12 से 07:32 तक

    • फिर

      अश्विनी

      07:32 – अगले दिन 05:06

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • वैधृति

      पिछले दिन 18:13 से 14:18 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      14:18 – अगले दिन 10:37

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • किंस्तुघ्न

      पिछले दिन 23:50 से 10:09 तक

    • फिर

      बव

      10:09 – 20:31

    • फिर

      बालव

      20:31 – अगले दिन 06:58

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · मंगल

00061218रोग · 06:02 – 07:37उद्वेग · 07:37 – 09:12चल · 09:12 – 10:47लाभ · 10:47 – 12:22अमृत · 12:22 – 13:58काल · 13:58 – 15:33शुभ · 15:33 – 17:08रोग · 17:08 – 18:43काल · 18:43 – 20:08लाभ · 20:08 – 21:33उद्वेग · 21:33 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:22अमृत · 00:22 – 01:46चल · 01:46 – 03:11रोग · 03:11 – 04:36काल · 04:36 – 06:00रोग · 06:02 – 07:37लाभ · 07:37 – 09:12धन · 09:12 – 10:47सुख · 10:47 – 12:22चोर · 12:22 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:33विष · 15:33 – 17:08अमृत · 17:08 – 18:43चोर · 18:43 – 20:08उद्योग · 20:08 – 21:33विष · 21:33 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:22रोग · 00:22 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:11धन · 03:11 – 04:36सुख · 04:36 – 06:00ब्रह्म मुहूर्त · 04:31 – 05:16अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48अमृत काल · 05:24 – 06:49राहु काल · 15:33 – 17:08यमगण्ड काल · 09:12 – 10:47गुलिक काल · 12:22 – 13:58वर्ज्यम् · 01:30 – 02:57मंगल · 06:02 – 07:05सूर्य · 07:05 – 08:08शुक्र · 08:08 – 09:12बुध · 09:12 – 10:15चंद्र · 10:15 – 11:19शनि · 11:19 – 12:22गुरु · 12:22 – 13:26मंगल · 13:26 – 14:29सूर्य · 14:29 – 15:33शुक्र · 15:33 – 16:36बुध · 16:36 – 17:40चंद्र · 17:40 – 18:43शनि · 18:43 – 19:40गुरु · 19:40 – 20:36मंगल · 20:36 – 21:33सूर्य · 21:33 – 22:29शुक्र · 22:29 – 23:25बुध · 23:25 – 00:22चंद्र · 00:22 – 01:18शनि · 01:18 – 02:15गुरु · 02:15 – 03:11मंगल · 03:11 – 04:08सूर्य · 04:08 – 05:04शुक्र · 05:04 – 06:00

9 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:02
07:37
09:12
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:43
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:11
04:36

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:02
07:37
09:12
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:43
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:11
04:36
04:31–05:16
11:57–12:48
05:24–06:49
15:33–17:08
09:12–10:47
12:22–13:58
01:30–02:57

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:02
07:05
08:08
09:12
10:15
11:19
12:22
13:26
14:29
15:33
16:36
17:40

रात के होरा

12·56 मि
18:43
19:40
20:36
21:33
22:29
23:25
00:22
01:18
02:15
03:11
04:08
05:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
9 अप्रैल 2024 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 20:31 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
9 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
9 अप्रैल 2024 को नक्षत्र रेवती और योग वैधृति है।
9 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है।
9 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:33 से 17:08 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।