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मंगलवार, 11 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

  • मासिक शिवरात्रि
कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत है। चतुर्दशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पुष्य में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:52 तक शुभ है; राहु काल 15:45 से 17:24 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कर्क राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 11 अगस्त

मासिक शिवरात्रि

व्रत

निशीथ काल00:05 – 00:47, 12 अगस्त

पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में, चतुर्दशी रहते की जाती है।

हर कृष्ण चतुर्दशी को, जब तिथि मध्यरात्रि में हो, मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं; माघ (उत्तर भारत में फाल्गुन) की शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      04:54 से अगले दिन 01:53 तक

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 12:27 से 10:09 तक

    • फिर

      पुष्य

      10:09 – अगले दिन 07:59

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 22:26 से 18:51 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      18:51 – अगले दिन 15:26

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      04:54 से 15:22 तक

    • फिर

      शकुनि

      15:22 – अगले दिन 01:53

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · मंगल

00061218रोग · 05:48 – 07:27उद्वेग · 07:27 – 09:07चल · 09:07 – 10:46लाभ · 10:46 – 12:26अमृत · 12:26 – 14:05काल · 14:05 – 15:45शुभ · 15:45 – 17:24रोग · 17:24 – 19:04काल · 19:04 – 20:24लाभ · 20:24 – 21:45उद्वेग · 21:45 – 23:05शुभ · 23:05 – 00:26अमृत · 00:26 – 01:47चल · 01:47 – 03:07रोग · 03:07 – 04:28काल · 04:28 – 05:48रोग · 05:48 – 07:27लाभ · 07:27 – 09:07धन · 09:07 – 10:46सुख · 10:46 – 12:26चोर · 12:26 – 14:05उद्योग · 14:05 – 15:45विष · 15:45 – 17:24अमृत · 17:24 – 19:04चोर · 19:04 – 20:24उद्योग · 20:24 – 21:45विष · 21:45 – 23:05अमृत · 23:05 – 00:26रोग · 00:26 – 01:47लाभ · 01:47 – 03:07धन · 03:07 – 04:28सुख · 04:28 – 05:48ब्रह्म मुहूर्त · 04:22 – 05:05अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:52अमृत काल · 07:59 – 09:26राहु काल · 15:45 – 17:24यमगण्ड काल · 09:07 – 10:46गुलिक काल · 12:26 – 14:05वर्ज्यम् · 17:26 – 18:53मंगल · 05:48 – 06:54सूर्य · 06:54 – 08:00शुक्र · 08:00 – 09:07बुध · 09:07 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:19शनि · 11:19 – 12:26गुरु · 12:26 – 13:32मंगल · 13:32 – 14:38सूर्य · 14:38 – 15:45शुक्र · 15:45 – 16:51बुध · 16:51 – 17:57चंद्र · 17:57 – 19:04शनि · 19:04 – 19:58गुरु · 19:58 – 20:51मंगल · 20:51 – 21:45सूर्य · 21:45 – 22:39शुक्र · 22:39 – 23:32बुध · 23:32 – 00:26चंद्र · 00:26 – 01:20शनि · 01:20 – 02:13गुरु · 02:13 – 03:07मंगल · 03:07 – 04:01सूर्य · 04:01 – 04:54शुक्र · 04:54 – 05:48

11 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
05:48
07:27
09:07
10:46
12:26
14:05
15:45
17:24

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
19:04
20:24
21:45
23:05
00:26
01:47
03:07
04:28

दिन का गौरी

8·1 घं 40 मि
05:48
07:27
09:07
10:46
12:26
14:05
15:45
17:24

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
19:04
20:24
21:45
23:05
00:26
01:47
03:07
04:28
04:22–05:05
11:59–12:52
07:59–09:26
15:45–17:24
09:07–10:46
12:26–14:05
17:26–18:53

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:48
06:54
08:00
09:07
10:13
11:19
12:26
13:32
14:38
15:45
16:51
17:57

रात के होरा

12·54 मि
19:04
19:58
20:51
21:45
22:39
23:32
00:26
01:20
02:13
03:07
04:01
04:54

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
11 अगस्त 2026 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 12 अगस्त 01:53 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
11 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
11 अगस्त 2026 को नक्षत्र पुनर्वसु और योग सिद्धि है।
11 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है।
11 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:45 से 17:24 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।