मुख्य सामग्री पर जाएँ

शनिवार, 14 अगस्त 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि अगले दिन सुबह तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:52 तक शुभ है; राहु काल 09:07 से 10:46 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल त्रयोदशी

      05:21 से अगले दिन 07:54 तक

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 14:19 से 17:20 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      17:20 – अगले दिन 20:28

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      पिछले दिन 21:29 से 22:31 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      22:31 – अगले दिन 23:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      05:21 से 18:37 तक

    • फिर

      तैतिल

      18:37 – अगले दिन 07:54

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल त्रयोदशी · शनि

00061218काल · 05:49 – 07:28शुभ · 07:28 – 09:07रोग · 09:07 – 10:46उद्वेग · 10:46 – 12:25चल · 12:25 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:43अमृत · 15:43 – 17:22काल · 17:22 – 19:01लाभ · 19:01 – 20:22उद्वेग · 20:22 – 21:43शुभ · 21:43 – 23:04अमृत · 23:04 – 00:26चल · 00:26 – 01:47रोग · 01:47 – 03:08काल · 03:08 – 04:29लाभ · 04:29 – 05:50चोर · 05:49 – 07:28उद्योग · 07:28 – 09:07विष · 09:07 – 10:46अमृत · 10:46 – 12:25रोग · 12:25 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:43धन · 15:43 – 17:22सुख · 17:22 – 19:01लाभ · 19:01 – 20:22धन · 20:22 – 21:43सुख · 21:43 – 23:04चोर · 23:04 – 00:26उद्योग · 00:26 – 01:47विष · 01:47 – 03:08अमृत · 03:08 – 04:29रोग · 04:29 – 05:50ब्रह्म मुहूर्त · 04:23 – 05:06अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:52अमृत काल · 11:56 – 13:44राहु काल · 09:07 – 10:46यमगण्ड काल · 14:04 – 15:43गुलिक काल · 05:49 – 07:28वर्ज्यम् · 02:23 – 04:11शनि · 05:49 – 06:55गुरु · 06:55 – 08:01मंगल · 08:01 – 09:07सूर्य · 09:07 – 10:13शुक्र · 10:13 – 11:19बुध · 11:19 – 12:25चंद्र · 12:25 – 13:31शनि · 13:31 – 14:37गुरु · 14:37 – 15:43मंगल · 15:43 – 16:49सूर्य · 16:49 – 17:55शुक्र · 17:55 – 19:01बुध · 19:01 – 19:55चंद्र · 19:55 – 20:49शनि · 20:49 – 21:43गुरु · 21:43 – 22:37मंगल · 22:37 – 23:31सूर्य · 23:31 – 00:26शुक्र · 00:26 – 01:20बुध · 01:20 – 02:14चंद्र · 02:14 – 03:08शनि · 03:08 – 04:02गुरु · 04:02 – 04:56मंगल · 04:56 – 05:50

14 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:43
17:22

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
19:01
20:22
21:43
23:04
00:26
01:47
03:08
04:29

दिन का गौरी

8·1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:43
17:22

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
19:01
20:22
21:43
23:04
00:26
01:47
03:08
04:29
04:23–05:06
11:59–12:52
11:56–13:44
09:07–10:46
14:04–15:43
05:49–07:28
02:23–04:11

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:49
06:55
08:01
09:07
10:13
11:19
12:25
13:31
14:37
15:43
16:49
17:55

रात के होरा

12·54 मि
19:01
19:55
20:49
21:43
22:37
23:31
00:26
01:20
02:14
03:08
04:02
04:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
14 अगस्त 2027 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 15 अगस्त 07:54 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
14 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
14 अगस्त 2027 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग प्रीति है।
14 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है।
14 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:07 से 10:46 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।