रविवार, 15 अगस्त 2027
दैनिक पंचांग
रविवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में रात तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 17:22 से 19:00 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन 05:21 से 07:54 तक
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फिर
शुक्ल चतुर्दशी
07:54 – अगले दिन 10:29
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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रविवार
रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन 17:20 से 20:28 तक
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फिर
श्रवण
20:28 – अगले दिन 23:34
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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आयुष्मान्
पिछले दिन 22:31 से 23:36 तक
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फिर
सौभाग्य
23:36 – अगले दिन 00:40
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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तैतिल
पिछले दिन 18:37 से 07:54 तक
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फिर
गर
07:54 – 21:11
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फिर
वणिज
21:11 – अगले दिन 10:29
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · रवि
15 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 39 मि| 05:5007:29 | ||
| 07:2909:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:04 | ||
| 14:0415:43 | ||
| 15:4317:22 | ||
| 17:2219:00 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 21 मि| 19:0020:22 | ||
| 20:2221:43 | ||
| 21:4323:04 | ||
| 23:0400:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:29 | ||
| 04:2905:50 |
दिन का गौरी
8·1 घं 39 मि| 05:5007:29 | ||
| 07:2909:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:04 | ||
| 14:0415:43 | ||
| 15:4317:22 | ||
| 17:2219:00 |
रात का गौरी
8·1 घं 21 मि| 19:0020:22 | ||
| 20:2221:43 | ||
| 21:4323:04 | ||
| 23:0400:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:29 | ||
| 04:2905:50 |
| 04:23–05:06 | ||
| 11:59–12:51 | ||
| 13:14–15:02 | ||
| 17:22–19:00 | ||
| 12:25–14:04 | ||
| 15:43–17:22 | ||
| 00:59–02:47 |
दिन के होरा
12·1 घं 6 मि| 05:5006:56 | ||
| 06:5608:01 | ||
| 08:0109:07 | ||
| 09:0710:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:25 | ||
| 12:2513:31 | ||
| 13:3114:37 | ||
| 14:3715:43 | ||
| 15:4316:49 | ||
| 16:4917:55 | ||
| 17:5519:00 |
रात के होरा
12·54 मि| 19:0019:55 | ||
| 19:5520:49 | ||
| 20:4921:43 | ||
| 21:4322:37 | ||
| 22:3723:31 | ||
| 23:3100:25 | ||
| 00:2501:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:08 | ||
| 03:0804:02 | ||
| 04:0204:56 | ||
| 04:5605:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
- 15 अगस्त 2027 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 07:54 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
- 15 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 15 अगस्त 2027 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग आयुष्मान् है।
- 15 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है।
- 15 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 17:22 से 19:00 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



