मुख्य सामग्री पर जाएँ

मंगलवार, 26 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि दोपहर तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में अगले दिन सुबह तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 15:36 से 17:12 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 12:35 से 13:55 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्थी

      13:55 – अगले दिन 15:44

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त · पाद 1

      03:49 से अगले दिन 06:04 तक

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 12:06 से 12:08 तक

    • फिर

      शुभ

      12:08 – अगले दिन 12:34

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      01:11 से 13:55 तक

    • फिर

      वणिज

      13:55 – अगले दिन 02:46

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · मंगल

00061218रोग · 05:56 – 07:32उद्वेग · 07:32 – 09:09चल · 09:09 – 10:46लाभ · 10:46 – 12:22अमृत · 12:22 – 13:59काल · 13:59 – 15:36शुभ · 15:36 – 17:12रोग · 17:12 – 18:49काल · 18:49 – 20:12लाभ · 20:12 – 21:36उद्वेग · 21:36 – 22:59शुभ · 22:59 – 00:23अमृत · 00:23 – 01:46चल · 01:46 – 03:09रोग · 03:09 – 04:33काल · 04:33 – 05:56रोग · 05:56 – 07:32लाभ · 07:32 – 09:09धन · 09:09 – 10:46सुख · 10:46 – 12:22चोर · 12:22 – 13:59उद्योग · 13:59 – 15:36विष · 15:36 – 17:12अमृत · 17:12 – 18:49चोर · 18:49 – 20:12उद्योग · 20:12 – 21:36विष · 21:36 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:23रोग · 00:23 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:09धन · 03:09 – 04:33सुख · 04:33 – 05:56ब्रह्म मुहूर्त · 04:27 – 05:11अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48अमृत काल · 23:30 – 01:15राहु काल · 15:36 – 17:12यमगण्ड काल · 09:09 – 10:46गुलिक काल · 12:22 – 13:59वर्ज्यम् · 13:00 – 14:45मंगल · 05:56 – 07:00सूर्य · 07:00 – 08:05शुक्र · 08:05 – 09:09बुध · 09:09 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:18शनि · 11:18 – 12:22गुरु · 12:22 – 13:27मंगल · 13:27 – 14:31सूर्य · 14:31 – 15:36शुक्र · 15:36 – 16:40बुध · 16:40 – 17:44चंद्र · 17:44 – 18:49शनि · 18:49 – 19:44गुरु · 19:44 – 20:40मंगल · 20:40 – 21:36सूर्य · 21:36 – 22:31शुक्र · 22:31 – 23:27बुध · 23:27 – 00:23चंद्र · 00:23 – 01:18शनि · 01:18 – 02:14गुरु · 02:14 – 03:09मंगल · 03:09 – 04:05सूर्य · 04:05 – 05:01शुक्र · 05:01 – 05:56

26 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
05:56
07:32
09:09
10:46
12:22
13:59
15:36
17:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
18:49
20:12
21:36
22:59
00:23
01:46
03:09
04:33

दिन का गौरी

8·1 घं 37 मि
05:56
07:32
09:09
10:46
12:22
13:59
15:36
17:12

रात का गौरी

8·1 घं 23 मि
18:49
20:12
21:36
22:59
00:23
01:46
03:09
04:33
04:27–05:11
11:57–12:48
23:30–01:15
15:36–17:12
09:09–10:46
12:22–13:59
13:00–14:45

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:56
07:00
08:05
09:09
10:13
11:18
12:22
13:27
14:31
15:36
16:40
17:44

रात के होरा

12·56 मि
18:49
19:44
20:40
21:36
22:31
23:27
00:23
01:18
02:14
03:09
04:05
05:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
26 अगस्त 2025 को शुक्ल तृतीया तिथि 13:55 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
26 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
26 अगस्त 2025 को नक्षत्र हस्त और योग साध्य है।
26 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है।
26 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:36 से 17:12 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।