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बुधवार, 27 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गणेश चतुर्थी है। चतुर्थी तिथि दोपहर तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में सुबह तक है, फिर चित्रा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:22 से 13:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 27 अगस्त

गणेश चतुर्थी

विनायक चतुर्थी

मध्याह्न11:05 – 13:39

गणपति की स्थापना और पूजन मध्याह्न में होता है — उनके जन्म की घड़ी।

विघ्नहर्ता गणेश के जन्म का उत्सव। घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी की प्रतिमाएँ स्थापित कर एक से दस दिनों तक पूजा की जाती है, और अंत में जल में विसर्जन किया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 13:55 से 15:44 तक

    • फिर

      शुक्ल पंचमी

      15:44 – अगले दिन 17:57

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 03:49 से 06:04 तक

    • फिर

      चित्रा

      06:04 – अगले दिन 08:43

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • शुभ

      पिछले दिन 12:08 से 12:34 तक

    • फिर

      शुक्ल

      12:34 – अगले दिन 13:18

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      02:46 से 15:44 तक

    • फिर

      बव

      15:44 – अगले दिन 04:48

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · बुध

00061218लाभ · 05:56 – 07:33अमृत · 07:33 – 09:09काल · 09:09 – 10:46शुभ · 10:46 – 12:22रोग · 12:22 – 13:58उद्वेग · 13:58 – 15:35चल · 15:35 – 17:11लाभ · 17:11 – 18:48उद्वेग · 18:48 – 20:11शुभ · 20:11 – 21:35अमृत · 21:35 – 22:59चल · 22:59 – 00:22रोग · 00:22 – 01:46काल · 01:46 – 03:10लाभ · 03:10 – 04:33उद्वेग · 04:33 – 05:57लाभ · 05:56 – 07:33धन · 07:33 – 09:09सुख · 09:09 – 10:46चोर · 10:46 – 12:22विष · 12:22 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:35अमृत · 15:35 – 17:11रोग · 17:11 – 18:48उद्योग · 18:48 – 20:11अमृत · 20:11 – 21:35रोग · 21:35 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:22धन · 00:22 – 01:46सुख · 01:46 – 03:10चोर · 03:10 – 04:33विष · 04:33 – 05:57ब्रह्म मुहूर्त · 04:27 – 05:12अमृत काल · 01:37 – 03:23राहु काल · 12:22 – 13:58यमगण्ड काल · 07:33 – 09:09गुलिक काल · 10:46 – 12:22वर्ज्यम् · 14:57 – 16:44बुध · 05:56 – 07:01चंद्र · 07:01 – 08:05शनि · 08:05 – 09:09गुरु · 09:09 – 10:13मंगल · 10:13 – 11:18सूर्य · 11:18 – 12:22शुक्र · 12:22 – 13:26बुध · 13:26 – 14:31चंद्र · 14:31 – 15:35शनि · 15:35 – 16:39गुरु · 16:39 – 17:43मंगल · 17:43 – 18:48सूर्य · 18:48 – 19:43शुक्र · 19:43 – 20:39बुध · 20:39 – 21:35चंद्र · 21:35 – 22:31शनि · 22:31 – 23:26गुरु · 23:26 – 00:22मंगल · 00:22 – 01:18सूर्य · 01:18 – 02:14शुक्र · 02:14 – 03:10बुध · 03:10 – 04:05चंद्र · 04:05 – 05:01शनि · 05:01 – 05:57

27 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
05:56
07:33
09:09
10:46
12:22
13:58
15:35
17:11

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:48
20:11
21:35
22:59
00:22
01:46
03:10
04:33

दिन का गौरी

8·1 घं 36 मि
05:56
07:33
09:09
10:46
12:22
13:58
15:35
17:11

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:48
20:11
21:35
22:59
00:22
01:46
03:10
04:33
04:27–05:12
01:37–03:23
12:22–13:58
07:33–09:09
10:46–12:22
14:57–16:44

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:56
07:01
08:05
09:09
10:13
11:18
12:22
13:26
14:31
15:35
16:39
17:43

रात के होरा

12·56 मि
18:48
19:43
20:39
21:35
22:31
23:26
00:22
01:18
02:14
03:10
04:05
05:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
27 अगस्त 2025 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 15:44 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
27 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
27 अगस्त 2025 को नक्षत्र हस्त और योग शुभ है।
27 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है।
27 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:22 से 13:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।