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गुरुवार, 8 अगस्त 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 14:06 से 15:46 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 22:06 से अगले दिन 00:37 तक

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 20:30 से 23:34 तक

    • फिर

      हस्त

      23:34 – अगले दिन 02:44

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शिव

      पिछले दिन 11:41 से 12:38 तक

    • फिर

      सिद्ध

      12:38 – अगले दिन 13:45

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 22:06 से 11:20 तक

    • फिर

      विष्टि

      11:20 – अगले दिन 00:37

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · गुरु

00061218शुभ · 05:46 – 07:26रोग · 07:26 – 09:06उद्वेग · 09:06 – 10:46चल · 10:46 – 12:26लाभ · 12:26 – 14:06अमृत · 14:06 – 15:46काल · 15:46 – 17:26शुभ · 17:26 – 19:06अमृत · 19:06 – 20:26चल · 20:26 – 21:46रोग · 21:46 – 23:06काल · 23:06 – 00:26लाभ · 00:26 – 01:46उद्वेग · 01:46 – 03:07शुभ · 03:07 – 04:27अमृत · 04:27 – 05:47धन · 05:46 – 07:26सुख · 07:26 – 09:06चोर · 09:06 – 10:46उद्योग · 10:46 – 12:26अमृत · 12:26 – 14:06विष · 14:06 – 15:46रोग · 15:46 – 17:26लाभ · 17:26 – 19:06अमृत · 19:06 – 20:26विष · 20:26 – 21:46रोग · 21:46 – 23:06लाभ · 23:06 – 00:26धन · 00:26 – 01:46सुख · 01:46 – 03:07चोर · 03:07 – 04:27उद्योग · 04:27 – 05:47ब्रह्म मुहूर्त · 04:21 – 05:04अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:53अमृत काल · 15:27 – 17:15राहु काल · 14:06 – 15:46यमगण्ड काल · 05:46 – 07:26गुलिक काल · 09:06 – 10:46वर्ज्यम् · 04:37 – 06:25गुरु · 05:46 – 06:53मंगल · 06:53 – 08:00सूर्य · 08:00 – 09:06शुक्र · 09:06 – 10:13बुध · 10:13 – 11:19चंद्र · 11:19 – 12:26शनि · 12:26 – 13:33गुरु · 13:33 – 14:39मंगल · 14:39 – 15:46सूर्य · 15:46 – 16:53शुक्र · 16:53 – 17:59बुध · 17:59 – 19:06चंद्र · 19:06 – 19:59शनि · 19:59 – 20:53गुरु · 20:53 – 21:46मंगल · 21:46 – 22:40सूर्य · 22:40 – 23:33शुक्र · 23:33 – 00:26बुध · 00:26 – 01:20चंद्र · 01:20 – 02:13शनि · 02:13 – 03:07गुरु · 03:07 – 04:00मंगल · 04:00 – 04:53सूर्य · 04:53 – 05:47

8 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
05:46
07:26
09:06
10:46
12:26
14:06
15:46
17:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
19:06
20:26
21:46
23:06
00:26
01:46
03:07
04:27

दिन का गौरी

8·1 घं 40 मि
05:46
07:26
09:06
10:46
12:26
14:06
15:46
17:26

रात का गौरी

8·1 घं 20 मि
19:06
20:26
21:46
23:06
00:26
01:46
03:07
04:27
04:21–05:04
11:59–12:53
15:27–17:15
14:06–15:46
05:46–07:26
09:06–10:46
04:37–06:25

दिन के होरा

12·1 घं 7 मि
05:46
06:53
08:00
09:06
10:13
11:19
12:26
13:33
14:39
15:46
16:53
17:59

रात के होरा

12·53 मि
19:06
19:59
20:53
21:46
22:40
23:33
00:26
01:20
02:13
03:07
04:00
04:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
8 अगस्त 2024 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 9 अगस्त 00:37 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
8 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
8 अगस्त 2024 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग शिव है।
8 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है।
8 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:06 से 15:46 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।