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सोमवार, 1 दिसंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। मोक्षदा एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में रात तक है, फिर अश्विनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:49 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 08:14 से 09:33 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • मोक्षदा एकादशी

      पिछले दिन 21:29 से 19:01 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      19:01 – अगले दिन 15:57

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      01:10 से 23:18 तक

    • फिर

      अश्विनी

      23:18 – अगले दिन 20:51

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • व्यतीपात

      04:22 से अगले दिन 00:58 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:29 से 08:20 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:20 – 19:01

    • फिर

      बव

      19:01 – अगले दिन 05:33

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · सोम

00061218अमृत · 06:56 – 08:14काल · 08:14 – 09:33शुभ · 09:33 – 10:51रोग · 10:51 – 12:10उद्वेग · 12:10 – 13:28चल · 13:28 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05अमृत · 16:05 – 17:23चल · 17:23 – 19:05रोग · 19:05 – 20:47काल · 20:47 – 22:28लाभ · 22:28 – 00:10उद्वेग · 00:10 – 01:52शुभ · 01:52 – 03:33अमृत · 03:33 – 05:15चल · 05:15 – 06:57अमृत · 06:56 – 08:14विष · 08:14 – 09:33रोग · 09:33 – 10:51लाभ · 10:51 – 12:10धन · 12:10 – 13:28सुख · 13:28 – 14:46चोर · 14:46 – 16:05उद्योग · 16:05 – 17:23सुख · 17:23 – 19:05चोर · 19:05 – 20:47उद्योग · 20:47 – 22:28अमृत · 22:28 – 00:10विष · 00:10 – 01:52रोग · 01:52 – 03:33लाभ · 03:33 – 05:15धन · 05:15 – 06:57ब्रह्म मुहूर्त · 05:08 – 06:02अभिजित मुहूर्त · 11:49 – 12:31अमृत काल · 21:05 – 22:34राहु काल · 08:14 – 09:33यमगण्ड काल · 10:51 – 12:10गुलिक काल · 13:28 – 14:46वर्ज्यम् · 12:14 – 13:43चंद्र · 06:56 – 07:48शनि · 07:48 – 08:40गुरु · 08:40 – 09:33मंगल · 09:33 – 10:25सूर्य · 10:25 – 11:17शुक्र · 11:17 – 12:10बुध · 12:10 – 13:02चंद्र · 13:02 – 13:54शनि · 13:54 – 14:46गुरु · 14:46 – 15:39मंगल · 15:39 – 16:31सूर्य · 16:31 – 17:23शुक्र · 17:23 – 18:31बुध · 18:31 – 19:39चंद्र · 19:39 – 20:47शनि · 20:47 – 21:54गुरु · 21:54 – 23:02मंगल · 23:02 – 00:10सूर्य · 00:10 – 01:18शुक्र · 01:18 – 02:26बुध · 02:26 – 03:33चंद्र · 03:33 – 04:41शनि · 04:41 – 05:49गुरु · 05:49 – 06:57

1 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
06:56
08:14
09:33
10:51
12:10
13:28
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:52
03:33
05:15

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
06:56
08:14
09:33
10:51
12:10
13:28
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:52
03:33
05:15
05:08–06:02
11:49–12:31
21:05–22:34
08:14–09:33
10:51–12:10
13:28–14:46
12:14–13:43

दिन के होरा

12·52 मि
06:56
07:48
08:40
09:33
10:25
11:17
12:10
13:02
13:54
14:46
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:54
23:02
00:10
01:18
02:26
03:33
04:41
05:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
1 दिसंबर 2025 को मोक्षदा एकादशी तिथि 19:01 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
1 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
1 दिसंबर 2025 को नक्षत्र रेवती और योग व्यतीपात है।
1 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
1 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:14 से 09:33 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।