मंगलवार, 1 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
मंगलवार, कृष्ण पक्ष। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:49 से 12:30 तक शुभ है; राहु काल 14:46 से 16:05 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण अष्टमी
00:12 से 23:14 तक
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फिर
कृष्ण नवमी
23:14 – अगले दिन 22:52
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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मंगलवार
मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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मघा
पिछले दिन 09:42 से 09:00 तक
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फिर
पूर्व फाल्गुनी
09:00 – अगले दिन 08:55
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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वैधृति
पिछले दिन 14:27 से 12:15 तक
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फिर
विष्कुम्भ
12:15 – अगले दिन 10:31
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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बालव
00:12 से 11:38 तक
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फिर
कौलव
11:38 – 23:14
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फिर
तैतिल
23:14 – अगले दिन 10:58
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · मंगल
1 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 18 मि| 06:5608:14 | ||
| 08:1409:33 | ||
| 09:3310:51 | ||
| 10:5112:10 | ||
| 12:1013:28 | ||
| 13:2814:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 42 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:47 | ||
| 20:4722:28 | ||
| 22:2800:10 | ||
| 00:1001:52 | ||
| 01:5203:33 | ||
| 03:3305:15 | ||
| 05:1506:56 |
दिन का गौरी
8·1 घं 18 मि| 06:5608:14 | ||
| 08:1409:33 | ||
| 09:3310:51 | ||
| 10:5112:10 | ||
| 12:1013:28 | ||
| 13:2814:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात का गौरी
8·1 घं 42 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:47 | ||
| 20:4722:28 | ||
| 22:2800:10 | ||
| 00:1001:52 | ||
| 01:5203:33 | ||
| 03:3305:15 | ||
| 05:1506:56 |
| 05:07–06:02 | ||
| 11:49–12:30 | ||
| 06:41–08:14 | ||
| 14:46–16:05 | ||
| 09:33–10:51 | ||
| 12:10–13:28 | ||
| 16:59–18:34 |
दिन के होरा
12·52 मि| 06:5607:48 | ||
| 07:4808:40 | ||
| 08:4009:33 | ||
| 09:3310:25 | ||
| 10:2511:17 | ||
| 11:1712:10 | ||
| 12:1013:02 | ||
| 13:0213:54 | ||
| 13:5414:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:31 | ||
| 16:3117:23 |
रात के होरा
12·1 घं 8 मि| 17:2318:31 | ||
| 18:3119:39 | ||
| 19:3920:47 | ||
| 20:4721:54 | ||
| 21:5423:02 | ||
| 23:0200:10 | ||
| 00:1001:18 | ||
| 01:1802:25 | ||
| 02:2503:33 | ||
| 03:3304:41 | ||
| 04:4105:49 | ||
| 05:4906:56 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 1 दिसंबर 2026 को कृष्ण अष्टमी तिथि 23:14 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
- 1 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 1 दिसंबर 2026 को नक्षत्र मघा और योग वैधृति है।
- 1 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
- 1 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 14:46 से 16:05 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



