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रविवार, 12 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में शाम तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:35 तक शुभ है; राहु काल 16:07 से 17:25 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्दशी

      01:43 से 23:55 तक

    • फिर

      पूर्णिमा

      23:55 – अगले दिन 21:38

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 17:37 से 16:42 तक

    • फिर

      रोहिणी

      16:42 – अगले दिन 15:14

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • सिद्ध

      01:49 से 23:09 तक

    • फिर

      साध्य

      23:09 – अगले दिन 20:06

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      01:43 से 12:53 तक

    • फिर

      वणिज

      12:53 – 23:55

    • फिर

      विष्टि

      23:55 – अगले दिन 10:50

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्दशी · रवि

00061218उद्वेग · 07:03 – 08:21चल · 08:21 – 09:39लाभ · 09:39 – 10:56अमृत · 10:56 – 12:14काल · 12:14 – 13:32शुभ · 13:32 – 14:49रोग · 14:49 – 16:07उद्वेग · 16:07 – 17:25शुभ · 17:25 – 19:07अमृत · 19:07 – 20:50चल · 20:50 – 22:32रोग · 22:32 – 00:14काल · 00:14 – 01:57लाभ · 01:57 – 03:39उद्वेग · 03:39 – 05:22शुभ · 05:22 – 07:04उद्योग · 07:03 – 08:21अमृत · 08:21 – 09:39रोग · 09:39 – 10:56लाभ · 10:56 – 12:14धन · 12:14 – 13:32सुख · 13:32 – 14:49चोर · 14:49 – 16:07विष · 16:07 – 17:25धन · 17:25 – 19:07सुख · 19:07 – 20:50चोर · 20:50 – 22:32विष · 22:32 – 00:14उद्योग · 00:14 – 01:57अमृत · 01:57 – 03:39रोग · 03:39 – 05:22लाभ · 05:22 – 07:04ब्रह्म मुहूर्त · 05:14 – 06:09अभिजित मुहूर्त · 11:53 – 12:35अमृत काल · 14:23 – 15:55राहु काल · 16:07 – 17:25यमगण्ड काल · 12:14 – 13:32गुलिक काल · 14:49 – 16:07सूर्य · 07:03 – 07:55शुक्र · 07:55 – 08:47बुध · 08:47 – 09:39चंद्र · 09:39 – 10:31शनि · 10:31 – 11:22गुरु · 11:22 – 12:14मंगल · 12:14 – 13:06सूर्य · 13:06 – 13:58शुक्र · 13:58 – 14:49बुध · 14:49 – 15:41चंद्र · 15:41 – 16:33शनि · 16:33 – 17:25गुरु · 17:25 – 18:33मंगल · 18:33 – 19:41सूर्य · 19:41 – 20:50शुक्र · 20:50 – 21:58बुध · 21:58 – 23:06चंद्र · 23:06 – 00:14शनि · 00:14 – 01:23गुरु · 01:23 – 02:31मंगल · 02:31 – 03:39सूर्य · 03:39 – 04:48शुक्र · 04:48 – 05:56बुध · 05:56 – 07:04

12 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:03
08:21
09:39
10:56
12:14
13:32
14:49
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:14
01:57
03:39
05:22

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:03
08:21
09:39
10:56
12:14
13:32
14:49
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:14
01:57
03:39
05:22
05:14–06:09
11:53–12:35
14:23–15:55
16:07–17:25
12:14–13:32
14:49–16:07

दिन के होरा

12·52 मि
07:03
07:55
08:47
09:39
10:31
11:22
12:14
13:06
13:58
14:49
15:41
16:33

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:25
18:33
19:41
20:50
21:58
23:06
00:14
01:23
02:31
03:39
04:48
05:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
12 दिसंबर 2027 को शुक्ल चतुर्दशी तिथि 23:55 तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है।
12 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
12 दिसंबर 2027 को नक्षत्र कृत्तिका और योग सिद्ध है।
12 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
12 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:07 से 17:25 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।