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सोमवार, 13 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर मृगशिरा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:35 तक शुभ है; राहु काल 08:22 से 09:39 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 23:55 से 21:38 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      21:38 – अगले दिन 19:01

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 16:42 से 15:14 तक

    • फिर

      मृगशिरा

      15:14 – अगले दिन 13:25

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • साध्य

      पिछले दिन 23:09 से 20:06 तक

    • फिर

      शुभ

      20:06 – अगले दिन 16:46

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:55 से 10:50 तक

    • फिर

      बव

      10:50 – 21:38

    • फिर

      बालव

      21:38 – अगले दिन 08:22

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · सोम

00061218अमृत · 07:04 – 08:22काल · 08:22 – 09:39शुभ · 09:39 – 10:57रोग · 10:57 – 12:15उद्वेग · 12:15 – 13:32चल · 13:32 – 14:50लाभ · 14:50 – 16:07अमृत · 16:07 – 17:25चल · 17:25 – 19:07रोग · 19:07 – 20:50काल · 20:50 – 22:32लाभ · 22:32 – 00:15उद्वेग · 00:15 – 01:57शुभ · 01:57 – 03:40अमृत · 03:40 – 05:22चल · 05:22 – 07:05अमृत · 07:04 – 08:22विष · 08:22 – 09:39रोग · 09:39 – 10:57लाभ · 10:57 – 12:15धन · 12:15 – 13:32सुख · 13:32 – 14:50चोर · 14:50 – 16:07उद्योग · 16:07 – 17:25सुख · 17:25 – 19:07चोर · 19:07 – 20:50उद्योग · 20:50 – 22:32अमृत · 22:32 – 00:15विष · 00:15 – 01:57रोग · 01:57 – 03:40लाभ · 03:40 – 05:22धन · 05:22 – 07:05ब्रह्म मुहूर्त · 05:15 – 06:10अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:35अमृत काल · 12:14 – 13:44राहु काल · 08:22 – 09:39यमगण्ड काल · 10:57 – 12:15गुलिक काल · 13:32 – 14:50वर्ज्यम् · 07:43 – 09:14चंद्र · 07:04 – 07:56शनि · 07:56 – 08:48गुरु · 08:48 – 09:39मंगल · 09:39 – 10:31सूर्य · 10:31 – 11:23शुक्र · 11:23 – 12:15बुध · 12:15 – 13:06चंद्र · 13:06 – 13:58शनि · 13:58 – 14:50गुरु · 14:50 – 15:42मंगल · 15:42 – 16:33सूर्य · 16:33 – 17:25शुक्र · 17:25 – 18:33बुध · 18:33 – 19:42चंद्र · 19:42 – 20:50शनि · 20:50 – 21:58गुरु · 21:58 – 23:07मंगल · 23:07 – 00:15सूर्य · 00:15 – 01:23शुक्र · 01:23 – 02:32बुध · 02:32 – 03:40चंद्र · 03:40 – 04:48शनि · 04:48 – 05:56गुरु · 05:56 – 07:05

13 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:04
08:22
09:39
10:57
12:15
13:32
14:50
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:15
01:57
03:40
05:22

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:04
08:22
09:39
10:57
12:15
13:32
14:50
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:15
01:57
03:40
05:22
05:15–06:10
11:54–12:35
12:14–13:44
08:22–09:39
10:57–12:15
13:32–14:50
07:43–09:14

दिन के होरा

12·52 मि
07:04
07:56
08:48
09:39
10:31
11:23
12:15
13:06
13:58
14:50
15:42
16:33

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:25
18:33
19:42
20:50
21:58
23:07
00:15
01:23
02:32
03:40
04:48
05:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
13 दिसंबर 2027 को पूर्णिमा तिथि 21:38 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
13 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
13 दिसंबर 2027 को नक्षत्र रोहिणी और योग साध्य है।
13 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
13 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:22 से 09:39 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।