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शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि अगले दिन सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में रात तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:38 तक शुभ है; राहु काल 11:00 से 12:18 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      04:59 से अगले दिन 07:13 तक

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 20:06 से 22:51 तक

    • फिर

      मूल

      22:51 – अगले दिन 01:21

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 15:05 से 15:46 तक

    • फिर

      गण्ड

      15:46 – अगले दिन 16:17

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • चतुष्पाद

      04:59 से 18:08 तक

    • फिर

      नाग

      18:08 – अगले दिन 07:13

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · शुक्र

00061218चल · 07:08 – 08:25लाभ · 08:25 – 09:43अमृत · 09:43 – 11:00काल · 11:00 – 12:18शुभ · 12:18 – 13:35रोग · 13:35 – 14:53उद्वेग · 14:53 – 16:10चल · 16:10 – 17:27रोग · 17:27 – 19:10काल · 19:10 – 20:53लाभ · 20:53 – 22:35उद्वेग · 22:35 – 00:18शुभ · 00:18 – 02:01अमृत · 02:01 – 03:43चल · 03:43 – 05:26रोग · 05:26 – 07:09सुख · 07:08 – 08:25चोर · 08:25 – 09:43उद्योग · 09:43 – 11:00विष · 11:00 – 12:18अमृत · 12:18 – 13:35रोग · 13:35 – 14:53लाभ · 14:53 – 16:10धन · 16:10 – 17:27रोग · 17:27 – 19:10लाभ · 19:10 – 20:53धन · 20:53 – 22:35सुख · 22:35 – 00:18चोर · 00:18 – 02:01उद्योग · 02:01 – 03:43विष · 03:43 – 05:26अमृत · 05:26 – 07:09ब्रह्म मुहूर्त · 05:19 – 06:13अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:38अमृत काल · 13:03 – 14:50राहु काल · 11:00 – 12:18यमगण्ड काल · 14:53 – 16:10गुलिक काल · 08:25 – 09:43शुक्र · 07:08 – 08:00बुध · 08:00 – 08:51चंद्र · 08:51 – 09:43शनि · 09:43 – 10:35गुरु · 10:35 – 11:26मंगल · 11:26 – 12:18सूर्य · 12:18 – 13:09शुक्र · 13:09 – 14:01बुध · 14:01 – 14:53चंद्र · 14:53 – 15:44शनि · 15:44 – 16:36गुरु · 16:36 – 17:27मंगल · 17:27 – 18:36सूर्य · 18:36 – 19:44शुक्र · 19:44 – 20:53बुध · 20:53 – 22:01चंद्र · 22:01 – 23:10शनि · 23:10 – 00:18गुरु · 00:18 – 01:26मंगल · 01:26 – 02:35सूर्य · 02:35 – 03:43शुक्र · 03:43 – 04:52बुध · 04:52 – 06:00चंद्र · 06:00 – 07:09

19 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
07:08
08:25
09:43
11:00
12:18
13:35
14:53
16:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:27
19:10
20:53
22:35
00:18
02:01
03:43
05:26

दिन का गौरी

8·1 घं 17 मि
07:08
08:25
09:43
11:00
12:18
13:35
14:53
16:10

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:27
19:10
20:53
22:35
00:18
02:01
03:43
05:26
05:19–06:13
11:57–12:38
13:03–14:50
11:00–12:18
14:53–16:10
08:25–09:43

दिन के होरा

12·52 मि
07:08
08:00
08:51
09:43
10:35
11:26
12:18
13:09
14:01
14:53
15:44
16:36

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:27
18:36
19:44
20:53
22:01
23:10
00:18
01:26
02:35
03:43
04:52
06:00

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
19 दिसंबर 2025 को अमावस्या तिथि 20 दिसंबर 07:13 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
19 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
19 दिसंबर 2025 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग शूल है।
19 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है।
19 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:00 से 12:18 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।