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शनिवार, 20 दिसंबर 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:39 तक शुभ है; राहु काल 09:43 से 11:01 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों धनु राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 04:59 से 07:13 तक

    • फिर

      शुक्ल प्रतिपदा

      07:13 – अगले दिन 09:11

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल · पाद 2

      पिछले दिन 22:51 से अगले दिन 01:21 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • गण्ड

      पिछले दिन 15:46 से 16:17 तक

    • फिर

      वृद्धि

      16:17 – अगले दिन 16:35

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • नाग

      पिछले दिन 18:08 से 07:13 तक

    • फिर

      किंस्तुघ्न

      07:13 – 20:14

    • फिर

      बव

      20:14 – अगले दिन 09:11

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · शनि

00061218काल · 07:09 – 08:26शुभ · 08:26 – 09:43रोग · 09:43 – 11:01उद्वेग · 11:01 – 12:18चल · 12:18 – 13:36लाभ · 13:36 – 14:53अमृत · 14:53 – 16:10काल · 16:10 – 17:28लाभ · 17:28 – 19:11उद्वेग · 19:11 – 20:53शुभ · 20:53 – 22:36अमृत · 22:36 – 00:18चल · 00:18 – 02:01रोग · 02:01 – 03:44काल · 03:44 – 05:26लाभ · 05:26 – 07:09चोर · 07:09 – 08:26उद्योग · 08:26 – 09:43विष · 09:43 – 11:01अमृत · 11:01 – 12:18रोग · 12:18 – 13:36लाभ · 13:36 – 14:53धन · 14:53 – 16:10सुख · 16:10 – 17:28लाभ · 17:28 – 19:11धन · 19:11 – 20:53सुख · 20:53 – 22:36चोर · 22:36 – 00:18उद्योग · 00:18 – 02:01विष · 02:01 – 03:44अमृत · 03:44 – 05:26रोग · 05:26 – 07:09ब्रह्म मुहूर्त · 05:19 – 06:14अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:39अमृत काल · 18:17 – 20:03राहु काल · 09:43 – 11:01यमगण्ड काल · 13:36 – 14:53गुलिक काल · 07:09 – 08:26वर्ज्यम् · 23:35 – 01:21शनि · 07:09 – 08:00गुरु · 08:00 – 08:52मंगल · 08:52 – 09:43सूर्य · 09:43 – 10:35शुक्र · 10:35 – 11:27बुध · 11:27 – 12:18चंद्र · 12:18 – 13:10शनि · 13:10 – 14:01गुरु · 14:01 – 14:53मंगल · 14:53 – 15:45सूर्य · 15:45 – 16:36शुक्र · 16:36 – 17:28बुध · 17:28 – 18:36चंद्र · 18:36 – 19:45शनि · 19:45 – 20:53गुरु · 20:53 – 22:02मंगल · 22:02 – 23:10सूर्य · 23:10 – 00:18शुक्र · 00:18 – 01:27बुध · 01:27 – 02:35चंद्र · 02:35 – 03:44शनि · 03:44 – 04:52गुरु · 04:52 – 06:01मंगल · 06:01 – 07:09

20 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
07:09
08:26
09:43
11:01
12:18
13:36
14:53
16:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:28
19:11
20:53
22:36
00:18
02:01
03:44
05:26

दिन का गौरी

8·1 घं 17 मि
07:09
08:26
09:43
11:01
12:18
13:36
14:53
16:10

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:28
19:11
20:53
22:36
00:18
02:01
03:44
05:26
05:19–06:14
11:58–12:39
18:17–20:03
09:43–11:01
13:36–14:53
07:09–08:26
23:35–01:21

दिन के होरा

12·52 मि
07:09
08:00
08:52
09:43
10:35
11:27
12:18
13:10
14:01
14:53
15:45
16:36

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:28
18:36
19:45
20:53
22:02
23:10
00:18
01:27
02:35
03:44
04:52
06:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
20 दिसंबर 2025 को अमावस्या तिथि 07:13 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
20 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
20 दिसंबर 2025 को नक्षत्र मूल और योग गण्ड है।
20 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है।
20 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:43 से 11:01 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।