गुरुवार, 3 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
गुरुवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि रात तक है, फिर उत्पन्ना एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:49 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 13:29 से 14:47 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण दशमी
पिछले दिन 22:52 से 23:03 तक
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फिर
उत्पन्ना एकादशी
23:03 – अगले दिन 23:45
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
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गुरुवार
गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर फाल्गुनी
पिछले दिन 08:55 से 09:23 तक
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फिर
हस्त
09:23 – अगले दिन 10:22
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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प्रीति
पिछले दिन 10:31 से 09:15 तक
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फिर
आयुष्मान्
09:15 – अगले दिन 08:23
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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वणिज
पिछले दिन 22:52 से 10:54 तक
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फिर
विष्टि
10:54 – 23:03
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फिर
बव
23:03 – अगले दिन 11:21
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · गुरु
3 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 18 मि| 06:5708:15 | ||
| 08:1509:34 | ||
| 09:3410:52 | ||
| 10:5212:10 | ||
| 12:1013:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 42 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:47 | ||
| 20:4722:29 | ||
| 22:2900:11 | ||
| 00:1101:52 | ||
| 01:5203:34 | ||
| 03:3405:16 | ||
| 05:1606:58 |
दिन का गौरी
8·1 घं 18 मि| 06:5708:15 | ||
| 08:1509:34 | ||
| 09:3410:52 | ||
| 10:5212:10 | ||
| 12:1013:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात का गौरी
8·1 घं 42 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:47 | ||
| 20:4722:29 | ||
| 22:2900:11 | ||
| 00:1101:52 | ||
| 01:5203:34 | ||
| 03:3405:16 | ||
| 05:1606:58 |
| 05:09–06:03 | ||
| 11:49–12:31 | ||
| 04:08–05:48 | ||
| 13:29–14:47 | ||
| 06:57–08:15 | ||
| 09:34–10:52 | ||
| 18:08–19:48 |
दिन के होरा
12·52 मि| 06:5707:49 | ||
| 07:4908:42 | ||
| 08:4209:34 | ||
| 09:3410:26 | ||
| 10:2611:18 | ||
| 11:1812:10 | ||
| 12:1013:02 | ||
| 13:0213:55 | ||
| 13:5514:47 | ||
| 14:4715:39 | ||
| 15:3916:31 | ||
| 16:3117:23 |
रात के होरा
12·1 घं 8 मि| 17:2318:31 | ||
| 18:3119:39 | ||
| 19:3920:47 | ||
| 20:4721:55 | ||
| 21:5523:03 | ||
| 23:0300:11 | ||
| 00:1101:19 | ||
| 01:1902:26 | ||
| 02:2603:34 | ||
| 03:3404:42 | ||
| 04:4205:50 | ||
| 05:5006:58 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 3 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 3 दिसंबर 2026 को कृष्ण दशमी तिथि 23:03 तक है, फिर उत्पन्ना एकादशी आरंभ होती है।
- 3 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 3 दिसंबर 2026 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग प्रीति है।
- 3 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
- 3 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 13:29 से 14:47 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



