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शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। उत्पन्ना एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में सुबह तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:32 तक शुभ है; राहु काल 10:52 से 12:11 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • उत्पन्ना एकादशी

      पिछले दिन 23:03 से 23:45 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      23:45 – अगले दिन 00:52

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 09:23 से 10:22 तक

    • फिर

      चित्रा

      10:22 – अगले दिन 11:49

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • आयुष्मान्

      पिछले दिन 09:15 से 08:23 तक

    • फिर

      सौभाग्य

      08:23 – अगले दिन 07:53

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 23:03 से 11:21 तक

    • फिर

      बालव

      11:21 – 23:45

    • फिर

      कौलव

      23:45 – अगले दिन 12:15

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · शुक्र

00061218चल · 06:58 – 08:16लाभ · 08:16 – 09:34अमृत · 09:34 – 10:52काल · 10:52 – 12:11शुभ · 12:11 – 13:29रोग · 13:29 – 14:47उद्वेग · 14:47 – 16:05चल · 16:05 – 17:23रोग · 17:23 – 19:05काल · 19:05 – 20:47लाभ · 20:47 – 22:29उद्वेग · 22:29 – 00:11शुभ · 00:11 – 01:53अमृत · 01:53 – 03:35चल · 03:35 – 05:17रोग · 05:17 – 06:59सुख · 06:58 – 08:16चोर · 08:16 – 09:34उद्योग · 09:34 – 10:52विष · 10:52 – 12:11अमृत · 12:11 – 13:29रोग · 13:29 – 14:47लाभ · 14:47 – 16:05धन · 16:05 – 17:23रोग · 17:23 – 19:05लाभ · 19:05 – 20:47धन · 20:47 – 22:29सुख · 22:29 – 00:11चोर · 00:11 – 01:53उद्योग · 01:53 – 03:35विष · 03:35 – 05:17अमृत · 05:17 – 06:59ब्रह्म मुहूर्त · 05:09 – 06:04अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:32अमृत काल · 05:02 – 06:43राहु काल · 10:52 – 12:11यमगण्ड काल · 14:47 – 16:05गुलिक काल · 08:16 – 09:34वर्ज्यम् · 18:51 – 20:33शुक्र · 06:58 – 07:50बुध · 07:50 – 08:42चंद्र · 08:42 – 09:34शनि · 09:34 – 10:26गुरु · 10:26 – 11:19मंगल · 11:19 – 12:11सूर्य · 12:11 – 13:03शुक्र · 13:03 – 13:55बुध · 13:55 – 14:47चंद्र · 14:47 – 15:39शनि · 15:39 – 16:31गुरु · 16:31 – 17:23मंगल · 17:23 – 18:31सूर्य · 18:31 – 19:39शुक्र · 19:39 – 20:47बुध · 20:47 – 21:55चंद्र · 21:55 – 23:03शनि · 23:03 – 00:11गुरु · 00:11 – 01:19मंगल · 01:19 – 02:27सूर्य · 02:27 – 03:35शुक्र · 03:35 – 04:43बुध · 04:43 – 05:51चंद्र · 05:51 – 06:59

4 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:34
10:52
12:11
13:29
14:47
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:34
10:52
12:11
13:29
14:47
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17
05:09–06:04
11:50–12:32
05:02–06:43
10:52–12:11
14:47–16:05
08:16–09:34
18:51–20:33

दिन के होरा

12·52 मि
06:58
07:50
08:42
09:34
10:26
11:19
12:11
13:03
13:55
14:47
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:03
00:11
01:19
02:27
03:35
04:43
05:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
4 दिसंबर 2026 को उत्पन्ना एकादशी तिथि 23:45 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
4 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
4 दिसंबर 2026 को नक्षत्र हस्त और योग आयुष्मान् है।
4 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
4 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:52 से 12:11 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।