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शनिवार, 4 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। षष्ठी तिथि शाम तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में अगले दिन सुबह तक है, फिर शतभिषा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 09:34 से 10:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल षष्ठी

      पिछले दिन 16:13 से 18:56 तक

    • फिर

      शुक्ल सप्तमी

      18:56 – अगले दिन 21:37

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा · पाद 1

      05:33 से अगले दिन 08:41 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • व्याघात

      04:17 से अगले दिन 05:17 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      05:34 से 18:56 तक

    • फिर

      गर

      18:56 – अगले दिन 08:18

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल षष्ठी · शनि

00061218काल · 06:58 – 08:16शुभ · 08:16 – 09:34रोग · 09:34 – 10:52उद्वेग · 10:52 – 12:11चल · 12:11 – 13:29लाभ · 13:29 – 14:47अमृत · 14:47 – 16:05काल · 16:05 – 17:23लाभ · 17:23 – 19:05उद्वेग · 19:05 – 20:47शुभ · 20:47 – 22:29अमृत · 22:29 – 00:11चल · 00:11 – 01:53रोग · 01:53 – 03:35काल · 03:35 – 05:17लाभ · 05:17 – 06:59चोर · 06:58 – 08:16उद्योग · 08:16 – 09:34विष · 09:34 – 10:52अमृत · 10:52 – 12:11रोग · 12:11 – 13:29लाभ · 13:29 – 14:47धन · 14:47 – 16:05सुख · 16:05 – 17:23लाभ · 17:23 – 19:05धन · 19:05 – 20:47सुख · 20:47 – 22:29चोर · 22:29 – 00:11उद्योग · 00:11 – 01:53विष · 01:53 – 03:35अमृत · 03:35 – 05:17रोग · 05:17 – 06:59ब्रह्म मुहूर्त · 05:09 – 06:03अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:31अमृत काल · 20:56 – 22:44राहु काल · 09:34 – 10:52यमगण्ड काल · 13:29 – 14:47गुलिक काल · 06:58 – 08:16वर्ज्यम् · 10:04 – 11:53शनि · 06:58 – 07:50गुरु · 07:50 – 08:42मंगल · 08:42 – 09:34सूर्य · 09:34 – 10:26शुक्र · 10:26 – 11:18बुध · 11:18 – 12:11चंद्र · 12:11 – 13:03शनि · 13:03 – 13:55गुरु · 13:55 – 14:47मंगल · 14:47 – 15:39सूर्य · 15:39 – 16:31शुक्र · 16:31 – 17:23बुध · 17:23 – 18:31चंद्र · 18:31 – 19:39शनि · 19:39 – 20:47गुरु · 20:47 – 21:55मंगल · 21:55 – 23:03सूर्य · 23:03 – 00:11शुक्र · 00:11 – 01:19बुध · 01:19 – 02:27चंद्र · 02:27 – 03:35शनि · 03:35 – 04:43गुरु · 04:43 – 05:51मंगल · 05:51 – 06:59

4 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:34
10:52
12:11
13:29
14:47
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
06:58
08:16
09:34
10:52
12:11
13:29
14:47
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17
05:09–06:03
11:50–12:31
20:56–22:44
09:34–10:52
13:29–14:47
06:58–08:16
10:04–11:53

दिन के होरा

12·52 मि
06:58
07:50
08:42
09:34
10:26
11:18
12:11
13:03
13:55
14:47
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:03
00:11
01:19
02:27
03:35
04:43
05:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
4 दिसंबर 2027 को शुक्ल षष्ठी तिथि 18:56 तक है, फिर शुक्ल सप्तमी आरंभ होती है।
4 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
4 दिसंबर 2027 को नक्षत्र धनिष्ठा और योग व्याघात है।
4 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
4 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:34 से 10:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।