शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2027
दैनिक पंचांग
शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:13 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 11:13 से 12:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मकर राशि में हैं।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन 16:31 से 19:05 तक
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फिर
अमावस्या
19:05 – अगले दिन 21:26
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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शुक्रवार
शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन 15:32 से 18:32 तक
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फिर
श्रवण
18:32 – अगले दिन 21:19
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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सिद्धि
पिछले दिन 19:41 से 20:33 तक
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फिर
व्यतीपात
20:33 – अगले दिन 21:13
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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शकुनि
05:50 से 19:05 तक
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फिर
चतुष्पाद
19:05 – अगले दिन 08:17
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · शुक्र
5 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 22 मि| 07:0708:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:57 | ||
| 13:5715:19 | ||
| 15:1916:41 | ||
| 16:4118:03 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 38 मि| 18:0319:41 | ||
| 19:4121:19 | ||
| 21:1922:57 | ||
| 22:5700:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:50 | ||
| 03:5005:28 | ||
| 05:2807:06 |
दिन का गौरी
8·1 घं 22 मि| 07:0708:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:57 | ||
| 13:5715:19 | ||
| 15:1916:41 | ||
| 16:4118:03 |
रात का गौरी
8·1 घं 38 मि| 18:0319:41 | ||
| 19:4121:19 | ||
| 21:1922:57 | ||
| 22:5700:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:50 | ||
| 03:5005:28 | ||
| 05:2807:06 |
| 05:22–06:14 | ||
| 12:13–12:57 | ||
| 11:20–13:08 | ||
| 11:13–12:35 | ||
| 15:19–16:41 | ||
| 08:29–09:51 | ||
| 23:00–00:47 |
दिन के होरा
12·55 मि| 07:0708:01 | ||
| 08:0108:56 | ||
| 08:5609:51 | ||
| 09:5110:45 | ||
| 10:4511:40 | ||
| 11:4012:35 | ||
| 12:3513:29 | ||
| 13:2914:24 | ||
| 14:2415:19 | ||
| 15:1916:13 | ||
| 16:1317:08 | ||
| 17:0818:03 |
रात के होरा
12·1 घं 5 मि| 18:0319:08 | ||
| 19:0820:13 | ||
| 20:1321:19 | ||
| 21:1922:24 | ||
| 22:2423:29 | ||
| 23:2900:34 | ||
| 00:3401:40 | ||
| 01:4002:45 | ||
| 02:4503:50 | ||
| 03:5004:55 | ||
| 04:5506:01 | ||
| 06:0107:06 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 5 फ़रवरी 2027 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 19:05 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
- 5 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 5 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग सिद्धि है।
- 5 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है।
- 5 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 11:13 से 12:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



