शनिवार, 6 फ़रवरी 2027
दैनिक पंचांग
शनिवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में रात तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:13 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 09:50 से 11:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मकर राशि में हैं।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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अमावस्या
पिछले दिन 19:05 से 21:26 तक
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फिर
शुक्ल प्रतिपदा
21:26 – अगले दिन 23:27
अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।
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शनिवार
शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
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श्रवण
पिछले दिन 18:32 से 21:19 तक
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फिर
धनिष्ठा
21:19 – अगले दिन 23:49
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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व्यतीपात
पिछले दिन 20:33 से 21:13 तक
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फिर
वरीयान्
21:13 – अगले दिन 21:41
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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चतुष्पाद
पिछले दिन 19:05 से 08:17 तक
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फिर
नाग
08:17 – 21:26
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फिर
किंस्तुघ्न
21:26 – अगले दिन 10:29
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · शनि
6 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 22 मि| 07:0608:28 | ||
| 08:2809:50 | ||
| 09:5011:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:57 | ||
| 13:5715:19 | ||
| 15:1916:41 | ||
| 16:4118:04 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 38 मि| 18:0419:41 | ||
| 19:4121:19 | ||
| 21:1922:57 | ||
| 22:5700:35 | ||
| 00:3502:12 | ||
| 02:1203:50 | ||
| 03:5005:28 | ||
| 05:2807:05 |
दिन का गौरी
8·1 घं 22 मि| 07:0608:28 | ||
| 08:2809:50 | ||
| 09:5011:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:57 | ||
| 13:5715:19 | ||
| 15:1916:41 | ||
| 16:4118:04 |
रात का गौरी
8·1 घं 38 मि| 18:0419:41 | ||
| 19:4121:19 | ||
| 21:1922:57 | ||
| 22:5700:35 | ||
| 00:3502:12 | ||
| 02:1203:50 | ||
| 03:5005:28 | ||
| 05:2807:05 |
| 05:22–06:14 | ||
| 12:13–12:57 | ||
| 09:43–11:30 | ||
| 09:50–11:13 | ||
| 13:57–15:19 | ||
| 07:06–08:28 | ||
| 01:44–03:30 |
दिन के होरा
12·55 मि| 07:0608:01 | ||
| 08:0108:56 | ||
| 08:5609:50 | ||
| 09:5010:45 | ||
| 10:4511:40 | ||
| 11:4012:35 | ||
| 12:3513:30 | ||
| 13:3014:24 | ||
| 14:2415:19 | ||
| 15:1916:14 | ||
| 16:1417:09 | ||
| 17:0918:04 |
रात के होरा
12·1 घं 5 मि| 18:0419:09 | ||
| 19:0920:14 | ||
| 20:1421:19 | ||
| 21:1922:24 | ||
| 22:2423:29 | ||
| 23:2900:35 | ||
| 00:3501:40 | ||
| 01:4002:45 | ||
| 02:4503:50 | ||
| 03:5004:55 | ||
| 04:5506:00 | ||
| 06:0007:05 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 6 फ़रवरी 2027 को अमावस्या तिथि 21:26 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
- 6 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 6 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र श्रवण और योग व्यतीपात है।
- 6 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है।
- 6 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 09:50 से 11:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



