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शुक्रवार, 10 जनवरी 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। पुत्रदा एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:07 से 12:49 तक शुभ है; राहु काल 11:10 से 12:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पुत्रदा एकादशी

      पिछले दिन 12:22 से 10:20 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      10:20 – अगले दिन 08:21

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 15:07 से 13:45 तक

    • फिर

      रोहिणी

      13:45 – अगले दिन 12:29

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • शुभ

      पिछले दिन 17:29 से 14:36 तक

    • फिर

      शुक्ल

      14:36 – अगले दिन 11:48

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:21 से 10:20 तक

    • फिर

      बव

      10:20 – 21:20

    • फिर

      बालव

      21:20 – अगले दिन 08:21

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · शुक्र

00061218चल · 07:15 – 08:33लाभ · 08:33 – 09:51अमृत · 09:51 – 11:10काल · 11:10 – 12:28शुभ · 12:28 – 13:47रोग · 13:47 – 15:05उद्वेग · 15:05 – 16:23चल · 16:23 – 17:42रोग · 17:42 – 19:23काल · 19:23 – 21:05लाभ · 21:05 – 22:47उद्वेग · 22:47 – 00:28शुभ · 00:28 – 02:10अमृत · 02:10 – 03:51चल · 03:51 – 05:33रोग · 05:33 – 07:15सुख · 07:15 – 08:33चोर · 08:33 – 09:51उद्योग · 09:51 – 11:10विष · 11:10 – 12:28अमृत · 12:28 – 13:47रोग · 13:47 – 15:05लाभ · 15:05 – 16:23धन · 16:23 – 17:42रोग · 17:42 – 19:23लाभ · 19:23 – 21:05धन · 21:05 – 22:47सुख · 22:47 – 00:28चोर · 00:28 – 02:10उद्योग · 02:10 – 03:51विष · 03:51 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:49अमृत काल · 11:29 – 13:00राहु काल · 11:10 – 12:28यमगण्ड काल · 15:05 – 16:23गुलिक काल · 08:33 – 09:51वर्ज्यम् · 04:54 – 06:25शुक्र · 07:15 – 08:07बुध · 08:07 – 08:59चंद्र · 08:59 – 09:51शनि · 09:51 – 10:44गुरु · 10:44 – 11:36मंगल · 11:36 – 12:28सूर्य · 12:28 – 13:21शुक्र · 13:21 – 14:13बुध · 14:13 – 15:05चंद्र · 15:05 – 15:57शनि · 15:57 – 16:50गुरु · 16:50 – 17:42मंगल · 17:42 – 18:50सूर्य · 18:50 – 19:57शुक्र · 19:57 – 21:05बुध · 21:05 – 22:13चंद्र · 22:13 – 23:21शनि · 23:21 – 00:28गुरु · 00:28 – 01:36मंगल · 01:36 – 02:44सूर्य · 02:44 – 03:51शुक्र · 03:51 – 04:59बुध · 04:59 – 06:07चंद्र · 06:07 – 07:15

10 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:47
15:05
16:23

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:42
19:23
21:05
22:47
00:28
02:10
03:51
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:47
15:05
16:23

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:42
19:23
21:05
22:47
00:28
02:10
03:51
05:33
05:26–06:20
12:07–12:49
11:29–13:00
11:10–12:28
15:05–16:23
08:33–09:51
04:54–06:25

दिन के होरा

12·52 मि
07:15
08:07
08:59
09:51
10:44
11:36
12:28
13:21
14:13
15:05
15:57
16:50

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:42
18:50
19:57
21:05
22:13
23:21
00:28
01:36
02:44
03:51
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
10 जनवरी 2025 को पुत्रदा एकादशी तिथि 10:20 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
10 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
10 जनवरी 2025 को नक्षत्र कृत्तिका और योग शुभ है।
10 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है।
10 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:10 से 12:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।