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शनिवार, 10 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि सुबह तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:07 से 12:49 तक शुभ है; राहु काल 09:51 से 11:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      पिछले दिन 07:05 से 08:24 तक

    • फिर

      कृष्ण अष्टमी

      08:24 – अगले दिन 10:20

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 13:40 से 15:39 तक

    • फिर

      चित्रा

      15:39 – अगले दिन 18:12

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • अतिगण्ड

      पिछले दिन 16:55 से 16:58 तक

    • फिर

      सुकर्मा

      16:58 – अगले दिन 17:27

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      पिछले दिन 19:39 से 08:24 तक

    • फिर

      बालव

      08:24 – 21:18

    • फिर

      कौलव

      21:18 – अगले दिन 10:20

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · शनि

00061218काल · 07:15 – 08:33शुभ · 08:33 – 09:51रोग · 09:51 – 11:10उद्वेग · 11:10 – 12:28चल · 12:28 – 13:47लाभ · 13:47 – 15:05अमृत · 15:05 – 16:23काल · 16:23 – 17:42लाभ · 17:42 – 19:23उद्वेग · 19:23 – 21:05शुभ · 21:05 – 22:47अमृत · 22:47 – 00:28चल · 00:28 – 02:10रोग · 02:10 – 03:51काल · 03:51 – 05:33लाभ · 05:33 – 07:15चोर · 07:15 – 08:33उद्योग · 08:33 – 09:51विष · 09:51 – 11:10अमृत · 11:10 – 12:28रोग · 12:28 – 13:47लाभ · 13:47 – 15:05धन · 15:05 – 16:23सुख · 16:23 – 17:42लाभ · 17:42 – 19:23धन · 19:23 – 21:05सुख · 21:05 – 22:47चोर · 22:47 – 00:28उद्योग · 00:28 – 02:10विष · 02:10 – 03:51अमृत · 03:51 – 05:33रोग · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:49अमृत काल · 09:10 – 10:54राहु काल · 09:51 – 11:10यमगण्ड काल · 13:47 – 15:05गुलिक काल · 07:15 – 08:33वर्ज्यम् · 00:30 – 02:16शनि · 07:15 – 08:07गुरु · 08:07 – 08:59मंगल · 08:59 – 09:51सूर्य · 09:51 – 10:44शुक्र · 10:44 – 11:36बुध · 11:36 – 12:28चंद्र · 12:28 – 13:20शनि · 13:20 – 14:13गुरु · 14:13 – 15:05मंगल · 15:05 – 15:57सूर्य · 15:57 – 16:49शुक्र · 16:49 – 17:42बुध · 17:42 – 18:49चंद्र · 18:49 – 19:57शनि · 19:57 – 21:05गुरु · 21:05 – 22:13मंगल · 22:13 – 23:20सूर्य · 23:20 – 00:28शुक्र · 00:28 – 01:36बुध · 01:36 – 02:44चंद्र · 02:44 – 03:51शनि · 03:51 – 04:59गुरु · 04:59 – 06:07मंगल · 06:07 – 07:15

10 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:47
15:05
16:23

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:42
19:23
21:05
22:47
00:28
02:10
03:51
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:10
12:28
13:47
15:05
16:23

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:42
19:23
21:05
22:47
00:28
02:10
03:51
05:33
05:26–06:20
12:07–12:49
09:10–10:54
09:51–11:10
13:47–15:05
07:15–08:33
00:30–02:16

दिन के होरा

12·52 मि
07:15
08:07
08:59
09:51
10:44
11:36
12:28
13:20
14:13
15:05
15:57
16:49

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:42
18:49
19:57
21:05
22:13
23:20
00:28
01:36
02:44
03:51
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
10 जनवरी 2026 को कृष्ण सप्तमी तिथि 08:24 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
10 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
10 जनवरी 2026 को नक्षत्र हस्त और योग अतिगण्ड है।
10 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है।
10 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:51 से 11:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।