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शनिवार, 13 जनवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि सुबह तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:08 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 09:52 से 11:11 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 14:23 से 11:11 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      11:11 – अगले दिन 08:00

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 15:18 से 12:49 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      12:49 – अगले दिन 10:22

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वज्र

      पिछले दिन 14:04 से 10:13 तक

    • फिर

      सिद्धि

      10:13 – अगले दिन 06:22

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      00:48 से 11:11 तक

    • फिर

      तैतिल

      11:11 – 21:35

    • फिर

      गर

      21:35 – अगले दिन 08:00

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · शनि

00061218काल · 07:15 – 08:33शुभ · 08:33 – 09:52रोग · 09:52 – 11:11उद्वेग · 11:11 – 12:29चल · 12:29 – 13:48लाभ · 13:48 – 15:06अमृत · 15:06 – 16:25काल · 16:25 – 17:44लाभ · 17:44 – 19:25उद्वेग · 19:25 – 21:06शुभ · 21:06 – 22:48अमृत · 22:48 – 00:29चल · 00:29 – 02:11रोग · 02:11 – 03:52काल · 03:52 – 05:33लाभ · 05:33 – 07:15चोर · 07:15 – 08:33उद्योग · 08:33 – 09:52विष · 09:52 – 11:11अमृत · 11:11 – 12:29रोग · 12:29 – 13:48लाभ · 13:48 – 15:06धन · 15:06 – 16:25सुख · 16:25 – 17:44लाभ · 17:44 – 19:25धन · 19:25 – 21:06सुख · 21:06 – 22:48चोर · 22:48 – 00:29उद्योग · 00:29 – 02:11विष · 02:11 – 03:52अमृत · 03:52 – 05:33रोग · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:21अभिजित मुहूर्त · 12:08 – 12:50अमृत काल · 01:02 – 02:28राहु काल · 09:52 – 11:11यमगण्ड काल · 13:48 – 15:06गुलिक काल · 07:15 – 08:33वर्ज्यम् · 16:24 – 17:51शनि · 07:15 – 08:07गुरु · 08:07 – 09:00मंगल · 09:00 – 09:52सूर्य · 09:52 – 10:44शुक्र · 10:44 – 11:37बुध · 11:37 – 12:29चंद्र · 12:29 – 13:22शनि · 13:22 – 14:14गुरु · 14:14 – 15:06मंगल · 15:06 – 15:59सूर्य · 15:59 – 16:51शुक्र · 16:51 – 17:44बुध · 17:44 – 18:51चंद्र · 18:51 – 19:59शनि · 19:59 – 21:06गुरु · 21:06 – 22:14मंगल · 22:14 – 23:22सूर्य · 23:22 – 00:29शुक्र · 00:29 – 01:37बुध · 01:37 – 02:44चंद्र · 02:44 – 03:52शनि · 03:52 – 04:59गुरु · 04:59 – 06:07मंगल · 06:07 – 07:15

13 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:29
13:48
15:06
16:25

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:44
19:25
21:06
22:48
00:29
02:11
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:29
13:48
15:06
16:25

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:44
19:25
21:06
22:48
00:29
02:11
03:52
05:33
05:26–06:21
12:08–12:50
01:02–02:28
09:52–11:11
13:48–15:06
07:15–08:33
16:24–17:51

दिन के होरा

12·52 मि
07:15
08:07
09:00
09:52
10:44
11:37
12:29
13:22
14:14
15:06
15:59
16:51

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:44
18:51
19:59
21:06
22:14
23:22
00:29
01:37
02:44
03:52
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
13 जनवरी 2024 को शुक्ल द्वितीया तिथि 11:11 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
13 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
13 जनवरी 2024 को नक्षत्र श्रवण और योग वज्र है।
13 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है।
13 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:52 से 11:11 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।