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मंगलवार, 14 जनवरी 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मकर संक्रांति है। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पुष्य में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 15:07 से 16:26 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 14 जनवरी

मकर संक्रांति

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। पतंगबाज़ी, तिल-गुड़ की मिठाइयाँ और फसल उत्सव के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      03:56 से अगले दिन 03:21 तक

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 10:38 से 10:16 तक

    • फिर

      पुष्य

      10:16 – अगले दिन 10:28

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      04:38 से अगले दिन 02:58 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      03:56 से 15:34 तक

    • फिर

      कौलव

      15:34 – अगले दिन 03:21

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · मंगल

00061218रोग · 07:15 – 08:33उद्वेग · 08:33 – 09:52चल · 09:52 – 11:11लाभ · 11:11 – 12:30अमृत · 12:30 – 13:49काल · 13:49 – 15:07शुभ · 15:07 – 16:26रोग · 16:26 – 17:45काल · 17:45 – 19:26लाभ · 19:26 – 21:07उद्वेग · 21:07 – 22:49शुभ · 22:49 – 00:30अमृत · 00:30 – 02:11चल · 02:11 – 03:52रोग · 03:52 – 05:33काल · 05:33 – 07:14रोग · 07:15 – 08:33लाभ · 08:33 – 09:52धन · 09:52 – 11:11सुख · 11:11 – 12:30चोर · 12:30 – 13:49उद्योग · 13:49 – 15:07विष · 15:07 – 16:26अमृत · 16:26 – 17:45चोर · 17:45 – 19:26उद्योग · 19:26 – 21:07विष · 21:07 – 22:49अमृत · 22:49 – 00:30रोग · 00:30 – 02:11लाभ · 02:11 – 03:52धन · 03:52 – 05:33सुख · 05:33 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:27 – 06:21अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:51अमृत काल · 07:55 – 09:29राहु काल · 15:07 – 16:26यमगण्ड काल · 09:52 – 11:11गुलिक काल · 12:30 – 13:49वर्ज्यम् · 18:20 – 19:57मंगल · 07:15 – 08:07सूर्य · 08:07 – 09:00शुक्र · 09:00 – 09:52बुध · 09:52 – 10:45चंद्र · 10:45 – 11:37शनि · 11:37 – 12:30गुरु · 12:30 – 13:22मंगल · 13:22 – 14:15सूर्य · 14:15 – 15:07शुक्र · 15:07 – 16:00बुध · 16:00 – 16:53चंद्र · 16:53 – 17:45शनि · 17:45 – 18:53गुरु · 18:53 – 20:00मंगल · 20:00 – 21:07सूर्य · 21:07 – 22:15शुक्र · 22:15 – 23:22बुध · 23:22 – 00:30चंद्र · 00:30 – 01:37शनि · 01:37 – 02:45गुरु · 02:45 – 03:52मंगल · 03:52 – 05:00सूर्य · 05:00 – 06:07शुक्र · 06:07 – 07:14

14 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:07
16:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:07
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:07
16:26

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:07
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33
05:27–06:21
12:09–12:51
07:55–09:29
15:07–16:26
09:52–11:11
12:30–13:49
18:20–19:57

दिन के होरा

12·53 मि
07:15
08:07
09:00
09:52
10:45
11:37
12:30
13:22
14:15
15:07
16:00
16:53

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:45
18:53
20:00
21:07
22:15
23:22
00:30
01:37
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
14 जनवरी 2025 को कृष्ण प्रतिपदा तिथि 15 जनवरी 03:21 तक है, फिर कृष्ण द्वितीया आरंभ होती है।
14 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
14 जनवरी 2025 को नक्षत्र पुनर्वसु और योग विष्कुम्भ है।
14 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है।
14 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:07 से 16:26 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।