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बुधवार, 14 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मकर संक्रांति है। षटतिला एकादशी तिथि शाम तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:30 से 13:49 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 14 जनवरी

मकर संक्रांति

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। पतंगबाज़ी, तिल-गुड़ की मिठाइयाँ और फसल उत्सव के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • षटतिला एकादशी

      पिछले दिन 15:18 से 17:53 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      17:53 – अगले दिन 20:16

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 2

      00:06 से अगले दिन 03:03 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 19:04 से 19:55 तक

    • फिर

      वृद्धि

      19:55 – अगले दिन 20:38

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      04:36 से 17:53 तक

    • फिर

      कौलव

      17:53 – अगले दिन 07:06

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · बुध

00061218लाभ · 07:15 – 08:33अमृत · 08:33 – 09:52काल · 09:52 – 11:11शुभ · 11:11 – 12:30रोग · 12:30 – 13:49उद्वेग · 13:49 – 15:07चल · 15:07 – 16:26लाभ · 16:26 – 17:45उद्वेग · 17:45 – 19:26शुभ · 19:26 – 21:07अमृत · 21:07 – 22:48चल · 22:48 – 00:30रोग · 00:30 – 02:11काल · 02:11 – 03:52लाभ · 03:52 – 05:33उद्वेग · 05:33 – 07:14लाभ · 07:15 – 08:33धन · 08:33 – 09:52सुख · 09:52 – 11:11चोर · 11:11 – 12:30विष · 12:30 – 13:49उद्योग · 13:49 – 15:07अमृत · 15:07 – 16:26रोग · 16:26 – 17:45उद्योग · 17:45 – 19:26अमृत · 19:26 – 21:07रोग · 21:07 – 22:48लाभ · 22:48 – 00:30धन · 00:30 – 02:11सुख · 02:11 – 03:52चोर · 03:52 – 05:33विष · 05:33 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:21अमृत काल · 15:23 – 17:10राहु काल · 12:30 – 13:49यमगण्ड काल · 08:33 – 09:52गुलिक काल · 11:11 – 12:30बुध · 07:15 – 08:07चंद्र · 08:07 – 09:00शनि · 09:00 – 09:52गुरु · 09:52 – 10:45मंगल · 10:45 – 11:37सूर्य · 11:37 – 12:30शुक्र · 12:30 – 13:22बुध · 13:22 – 14:15चंद्र · 14:15 – 15:07शनि · 15:07 – 16:00गुरु · 16:00 – 16:52मंगल · 16:52 – 17:45सूर्य · 17:45 – 18:52शुक्र · 18:52 – 20:00बुध · 20:00 – 21:07चंद्र · 21:07 – 22:15शनि · 22:15 – 23:22गुरु · 23:22 – 00:30मंगल · 00:30 – 01:37सूर्य · 01:37 – 02:45शुक्र · 02:45 – 03:52बुध · 03:52 – 05:00चंद्र · 05:00 – 06:07शनि · 06:07 – 07:14

14 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:07
16:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:07
22:48
00:30
02:11
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:07
16:26

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:07
22:48
00:30
02:11
03:52
05:33
05:26–06:21
15:23–17:10
12:30–13:49
08:33–09:52
11:11–12:30

दिन के होरा

12·53 मि
07:15
08:07
09:00
09:52
10:45
11:37
12:30
13:22
14:15
15:07
16:00
16:52

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:45
18:52
20:00
21:07
22:15
23:22
00:30
01:37
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
14 जनवरी 2026 को षटतिला एकादशी तिथि 17:53 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
14 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
14 जनवरी 2026 को नक्षत्र अनुराधा और योग गण्ड है।
14 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है।
14 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:30 से 13:49 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।