मुख्य सामग्री पर जाएँ

गुरुवार, 25 जनवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पुष्य में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 13:53 से 15:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 21:50 से 23:23 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      23:23 – अगले दिन 01:20

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 06:26 से 08:16 तक

    • फिर

      पुष्य

      08:16 – अगले दिन 10:28

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 07:39 से 07:31 तक

    • फिर

      प्रीति

      07:31 – अगले दिन 07:41

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 21:50 से 10:34 तक

    • फिर

      बव

      10:34 – 23:23

    • फिर

      बालव

      23:23 – अगले दिन 12:19

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · गुरु

00061218शुभ · 07:12 – 08:32रोग · 08:32 – 09:53उद्वेग · 09:53 – 11:13चल · 11:13 – 12:33लाभ · 12:33 – 13:53अमृत · 13:53 – 15:13काल · 15:13 – 16:33शुभ · 16:33 – 17:54अमृत · 17:54 – 19:33चल · 19:33 – 21:13रोग · 21:13 – 22:53काल · 22:53 – 00:33लाभ · 00:33 – 02:13उद्वेग · 02:13 – 03:52शुभ · 03:52 – 05:32अमृत · 05:32 – 07:12धन · 07:12 – 08:32सुख · 08:32 – 09:53चोर · 09:53 – 11:13उद्योग · 11:13 – 12:33अमृत · 12:33 – 13:53विष · 13:53 – 15:13रोग · 15:13 – 16:33लाभ · 16:33 – 17:54अमृत · 17:54 – 19:33विष · 19:33 – 21:13रोग · 21:13 – 22:53लाभ · 22:53 – 00:33धन · 00:33 – 02:13सुख · 02:13 – 03:52चोर · 03:52 – 05:32उद्योग · 05:32 – 07:12ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:19अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:54अमृत काल · 05:41 – 07:24राहु काल · 13:53 – 15:13यमगण्ड काल · 07:12 – 08:32गुलिक काल · 09:53 – 11:13वर्ज्यम् · 17:00 – 18:45गुरु · 07:12 – 08:06मंगल · 08:06 – 08:59सूर्य · 08:59 – 09:53शुक्र · 09:53 – 10:46बुध · 10:46 – 11:39चंद्र · 11:39 – 12:33शनि · 12:33 – 13:26गुरु · 13:26 – 14:20मंगल · 14:20 – 15:13सूर्य · 15:13 – 16:07शुक्र · 16:07 – 17:00बुध · 17:00 – 17:54चंद्र · 17:54 – 19:00शनि · 19:00 – 20:07गुरु · 20:07 – 21:13मंगल · 21:13 – 22:20सूर्य · 22:20 – 23:26शुक्र · 23:26 – 00:33बुध · 00:33 – 01:39चंद्र · 01:39 – 02:46शनि · 02:46 – 03:52गुरु · 03:52 – 04:59मंगल · 04:59 – 06:05सूर्य · 06:05 – 07:12

25 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
07:12
08:32
09:53
11:13
12:33
13:53
15:13
16:33

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:54
19:33
21:13
22:53
00:33
02:13
03:52
05:32

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
07:12
08:32
09:53
11:13
12:33
13:53
15:13
16:33

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:54
19:33
21:13
22:53
00:33
02:13
03:52
05:32
05:26–06:19
12:12–12:54
05:41–07:24
13:53–15:13
07:12–08:32
09:53–11:13
17:00–18:45

दिन के होरा

12·53 मि
07:12
08:06
08:59
09:53
10:46
11:39
12:33
13:26
14:20
15:13
16:07
17:00

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:54
19:00
20:07
21:13
22:20
23:26
00:33
01:39
02:46
03:52
04:59
06:05

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
25 जनवरी 2024 को पूर्णिमा तिथि 23:23 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
25 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
25 जनवरी 2024 को नक्षत्र पुनर्वसु और योग विष्कुम्भ है।
25 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है।
25 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:53 से 15:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।