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बुधवार, 17 जुलाई 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। देवशयनी एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:27 से 14:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • देवशयनी एकादशी

      पिछले दिन 20:34 से 21:03 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      21:03 – अगले दिन 20:44

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 1

      02:13 से अगले दिन 03:12 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शुभ

      पिछले दिन 07:18 से 07:03 तक

    • फिर

      शुक्ल

      07:03 – अगले दिन 06:12

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 20:34 से 08:54 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:54 – 21:03

    • फिर

      बव

      21:03 – अगले दिन 08:59

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · बुध

00061218लाभ · 05:34 – 07:17अमृत · 07:17 – 09:00काल · 09:00 – 10:44शुभ · 10:44 – 12:27रोग · 12:27 – 14:10उद्वेग · 14:10 – 15:53चल · 15:53 – 17:36लाभ · 17:36 – 19:20उद्वेग · 19:20 – 20:36शुभ · 20:36 – 21:53अमृत · 21:53 – 23:10चल · 23:10 – 00:27रोग · 00:27 – 01:44काल · 01:44 – 03:01लाभ · 03:01 – 04:18उद्वेग · 04:18 – 05:35लाभ · 05:34 – 07:17धन · 07:17 – 09:00सुख · 09:00 – 10:44चोर · 10:44 – 12:27विष · 12:27 – 14:10उद्योग · 14:10 – 15:53अमृत · 15:53 – 17:36रोग · 17:36 – 19:20उद्योग · 19:20 – 20:36अमृत · 20:36 – 21:53रोग · 21:53 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:27धन · 00:27 – 01:44सुख · 01:44 – 03:01चोर · 03:01 – 04:18विष · 04:18 – 05:35ब्रह्म मुहूर्त · 04:12 – 04:53अमृत काल · 16:23 – 18:03राहु काल · 12:27 – 14:10यमगण्ड काल · 07:17 – 09:00गुलिक काल · 10:44 – 12:27वर्ज्यम् · 06:23 – 08:03बुध · 05:34 – 06:43चंद्र · 06:43 – 07:52शनि · 07:52 – 09:00गुरु · 09:00 – 10:09मंगल · 10:09 – 11:18सूर्य · 11:18 – 12:27शुक्र · 12:27 – 13:36बुध · 13:36 – 14:44चंद्र · 14:44 – 15:53शनि · 15:53 – 17:02गुरु · 17:02 – 18:11मंगल · 18:11 – 19:20सूर्य · 19:20 – 20:11शुक्र · 20:11 – 21:02बुध · 21:02 – 21:53चंद्र · 21:53 – 22:45शनि · 22:45 – 23:36गुरु · 23:36 – 00:27मंगल · 00:27 – 01:18सूर्य · 01:18 – 02:10शुक्र · 02:10 – 03:01बुध · 03:01 – 03:52चंद्र · 03:52 – 04:43शनि · 04:43 – 05:35

17 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:34
07:17
09:00
10:44
12:27
14:10
15:53
17:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:20
20:36
21:53
23:10
00:27
01:44
03:01
04:18

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:34
07:17
09:00
10:44
12:27
14:10
15:53
17:36

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:20
20:36
21:53
23:10
00:27
01:44
03:01
04:18
04:12–04:53
16:23–18:03
12:27–14:10
07:17–09:00
10:44–12:27
06:23–08:03

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:34
06:43
07:52
09:00
10:09
11:18
12:27
13:36
14:44
15:53
17:02
18:11

रात के होरा

12·51 मि
19:20
20:11
21:02
21:53
22:45
23:36
00:27
01:18
02:10
03:01
03:52
04:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
17 जुलाई 2024 को देवशयनी एकादशी तिथि 21:03 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
17 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 जुलाई 2024 को नक्षत्र अनुराधा और योग शुभ है।
17 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है।
17 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:27 से 14:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।