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मंगलवार, 28 जुलाई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्दशी तिथि शाम तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 15:51 से 17:32 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्दशी

      पिछले दिन 16:15 से 18:19 तक

    • फिर

      पूर्णिमा

      18:19 – अगले दिन 20:05

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 10:28 से 13:11 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      13:11 – अगले दिन 15:37

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 22:54 से 23:33 तक

    • फिर

      प्रीति

      23:33 – अगले दिन 23:57

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      05:19 से 18:19 तक

    • फिर

      विष्टि

      18:19 – अगले दिन 07:14

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्दशी · मंगल

00061218रोग · 05:40 – 07:22उद्वेग · 07:22 – 09:03चल · 09:03 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:09काल · 14:09 – 15:51शुभ · 15:51 – 17:32रोग · 17:32 – 19:14काल · 19:14 – 20:33लाभ · 20:33 – 21:51उद्वेग · 21:51 – 23:09शुभ · 23:09 – 00:27अमृत · 00:27 – 01:46चल · 01:46 – 03:04रोग · 03:04 – 04:22काल · 04:22 – 05:40रोग · 05:40 – 07:22लाभ · 07:22 – 09:03धन · 09:03 – 10:45सुख · 10:45 – 12:27चोर · 12:27 – 14:09उद्योग · 14:09 – 15:51विष · 15:51 – 17:32अमृत · 17:32 – 19:14चोर · 19:14 – 20:33उद्योग · 20:33 – 21:51विष · 21:51 – 23:09अमृत · 23:09 – 00:27रोग · 00:27 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:04धन · 03:04 – 04:22सुख · 04:22 – 05:40ब्रह्म मुहूर्त · 04:16 – 04:58अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 07:50 – 09:37राहु काल · 15:51 – 17:32यमगण्ड काल · 09:03 – 10:45गुलिक काल · 12:27 – 14:09वर्ज्यम् · 21:59 – 23:45मंगल · 05:40 – 06:48सूर्य · 06:48 – 07:56शुक्र · 07:56 – 09:03बुध · 09:03 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:19शनि · 11:19 – 12:27गुरु · 12:27 – 13:35मंगल · 13:35 – 14:43सूर्य · 14:43 – 15:51शुक्र · 15:51 – 16:59बुध · 16:59 – 18:06चंद्र · 18:06 – 19:14शनि · 19:14 – 20:06गुरु · 20:06 – 20:59मंगल · 20:59 – 21:51सूर्य · 21:51 – 22:43शुक्र · 22:43 – 23:35बुध · 23:35 – 00:27चंद्र · 00:27 – 01:19शनि · 01:19 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:04मंगल · 03:04 – 03:56सूर्य · 03:56 – 04:48शुक्र · 04:48 – 05:40

28 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:14
20:33
21:51
23:09
00:27
01:46
03:04
04:22

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:32

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:14
20:33
21:51
23:09
00:27
01:46
03:04
04:22
04:16–04:58
12:00–12:54
07:50–09:37
15:51–17:32
09:03–10:45
12:27–14:09
21:59–23:45

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:40
06:48
07:56
09:03
10:11
11:19
12:27
13:35
14:43
15:51
16:59
18:06

रात के होरा

12·52 मि
19:14
20:06
20:59
21:51
22:43
23:35
00:27
01:19
02:12
03:04
03:56
04:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
28 जुलाई 2026 को शुक्ल चतुर्दशी तिथि 18:19 तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है।
28 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
28 जुलाई 2026 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग विष्कुम्भ है।
28 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है।
28 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:51 से 17:32 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।