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मंगलवार, 29 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन नाग पंचमी है। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 15:50 से 17:32 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 29 जुलाई

नाग पंचमी

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

नाग देवताओं की पूजा का दिन। भक्त नाग प्रतिमाओं और बाँबियों पर दूध अर्पित कर रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 23:24 से अगले दिन 00:47 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 17:35 से 19:27 तक

    • फिर

      हस्त

      19:27 – अगले दिन 21:53

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शिव

      02:53 से अगले दिन 03:04 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 23:24 से 12:01 तक

    • फिर

      बालव

      12:01 – अगले दिन 00:47

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · मंगल

00061218रोग · 05:40 – 07:22उद्वेग · 07:22 – 09:04चल · 09:04 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:09काल · 14:09 – 15:50शुभ · 15:50 – 17:32रोग · 17:32 – 19:14काल · 19:14 – 20:32लाभ · 20:32 – 21:50उद्वेग · 21:50 – 23:09शुभ · 23:09 – 00:27अमृत · 00:27 – 01:46चल · 01:46 – 03:04रोग · 03:04 – 04:23काल · 04:23 – 05:41रोग · 05:40 – 07:22लाभ · 07:22 – 09:04धन · 09:04 – 10:45सुख · 10:45 – 12:27चोर · 12:27 – 14:09उद्योग · 14:09 – 15:50विष · 15:50 – 17:32अमृत · 17:32 – 19:14चोर · 19:14 – 20:32उद्योग · 20:32 – 21:50विष · 21:50 – 23:09अमृत · 23:09 – 00:27रोग · 00:27 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:04धन · 03:04 – 04:23सुख · 04:23 – 05:41ब्रह्म मुहूर्त · 04:17 – 04:59अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 11:42 – 13:25राहु काल · 15:50 – 17:32यमगण्ड काल · 09:04 – 10:45गुलिक काल · 12:27 – 14:09वर्ज्यम् · 04:42 – 06:28मंगल · 05:40 – 06:48सूर्य · 06:48 – 07:56शुक्र · 07:56 – 09:04बुध · 09:04 – 10:12चंद्र · 10:12 – 11:19शनि · 11:19 – 12:27गुरु · 12:27 – 13:35मंगल · 13:35 – 14:43सूर्य · 14:43 – 15:50शुक्र · 15:50 – 16:58बुध · 16:58 – 18:06चंद्र · 18:06 – 19:14शनि · 19:14 – 20:06गुरु · 20:06 – 20:58मंगल · 20:58 – 21:50सूर्य · 21:50 – 22:43शुक्र · 22:43 – 23:35बुध · 23:35 – 00:27चंद्र · 00:27 – 01:20शनि · 01:20 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:04मंगल · 03:04 – 03:56सूर्य · 03:56 – 04:49शुक्र · 04:49 – 05:41

29 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:04
10:45
12:27
14:09
15:50
17:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:14
20:32
21:50
23:09
00:27
01:46
03:04
04:23

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:04
10:45
12:27
14:09
15:50
17:32

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:14
20:32
21:50
23:09
00:27
01:46
03:04
04:23
04:17–04:59
12:00–12:54
11:42–13:25
15:50–17:32
09:04–10:45
12:27–14:09
04:42–06:28

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:40
06:48
07:56
09:04
10:12
11:19
12:27
13:35
14:43
15:50
16:58
18:06

रात के होरा

12·52 मि
19:14
20:06
20:58
21:50
22:43
23:35
00:27
01:20
02:12
03:04
03:56
04:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
29 जुलाई 2025 को शुक्ल पंचमी तिथि 30 जुलाई 00:47 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
29 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
29 जुलाई 2025 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग शिव है।
29 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है।
29 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:50 से 17:32 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।