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रविवार, 1 जून 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। षष्ठी तिथि रात तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में रात तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 17:30 से 19:14 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल षष्ठी

      पिछले दिन 20:15 से 20:00 तक

    • फिर

      शुक्ल सप्तमी

      20:00 – अगले दिन 20:35

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 21:07 से 21:36 तक

    • फिर

      मघा

      21:36 – अगले दिन 22:55

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 10:43 से 09:11 तक

    • फिर

      व्याघात

      09:11 – अगले दिन 08:20

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 20:15 से 08:01 तक

    • फिर

      तैतिल

      08:01 – 20:00

    • फिर

      गर

      20:00 – अगले दिन 08:11

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल षष्ठी · रवि

00061218उद्वेग · 05:23 – 07:07चल · 07:07 – 08:51लाभ · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:19काल · 12:19 – 14:02शुभ · 14:02 – 15:46रोग · 15:46 – 17:30उद्वेग · 17:30 – 19:14शुभ · 19:14 – 20:30अमृत · 20:30 – 21:46चल · 21:46 – 23:02रोग · 23:02 – 00:19काल · 00:19 – 01:35लाभ · 01:35 – 02:51उद्वेग · 02:51 – 04:07शुभ · 04:07 – 05:23उद्योग · 05:23 – 07:07अमृत · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:19धन · 12:19 – 14:02सुख · 14:02 – 15:46चोर · 15:46 – 17:30विष · 17:30 – 19:14धन · 19:14 – 20:30सुख · 20:30 – 21:46चोर · 21:46 – 23:02विष · 23:02 – 00:19उद्योग · 00:19 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:51रोग · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:46अमृत काल · 19:58 – 21:36राहु काल · 17:30 – 19:14यमगण्ड काल · 12:19 – 14:02गुलिक काल · 15:46 – 17:30वर्ज्यम् · 10:10 – 11:48सूर्य · 05:23 – 06:32शुक्र · 06:32 – 07:42बुध · 07:42 – 08:51चंद्र · 08:51 – 10:00शनि · 10:00 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:19मंगल · 12:19 – 13:28सूर्य · 13:28 – 14:37शुक्र · 14:37 – 15:46बुध · 15:46 – 16:56चंद्र · 16:56 – 18:05शनि · 18:05 – 19:14गुरु · 19:14 – 20:05मंगल · 20:05 – 20:56सूर्य · 20:56 – 21:46शुक्र · 21:46 – 22:37बुध · 22:37 – 23:28चंद्र · 23:28 – 00:19शनि · 00:19 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:51सूर्य · 02:51 – 03:42शुक्र · 03:42 – 04:32बुध · 04:32 – 05:23

1 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:02
15:46
17:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:02
15:46
17:30

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02–04:43
11:51–12:46
19:58–21:36
17:30–19:14
12:19–14:02
15:46–17:30
10:10–11:48

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:42
08:51
10:00
11:09
12:19
13:28
14:37
15:46
16:56
18:05

रात के होरा

12·51 मि
19:14
20:05
20:56
21:46
22:37
23:28
00:19
01:09
02:00
02:51
03:42
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 जून 2025 की तिथि क्या है?
1 जून 2025 को शुक्ल षष्ठी तिथि 20:00 तक है, फिर शुक्ल सप्तमी आरंभ होती है।
1 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
1 जून 2025 को नक्षत्र आश्लेषा और योग ध्रुव है।
1 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है।
1 जून 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:30 से 19:14 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।