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सोमवार, 1 जून 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। प्रतिपदा तिथि शाम तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में रात तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 07:07 से 08:51 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      पिछले दिन 14:15 से 16:37 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वितीया

      16:37 – अगले दिन 19:01

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 16:12 से 19:08 तक

    • फिर

      मूल

      19:08 – अगले दिन 22:06

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सिद्ध

      पिछले दिन 05:24 से 06:19 तक

    • फिर

      साध्य

      06:19 – अगले दिन 07:16

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      03:25 से 16:37 तक

    • फिर

      तैतिल

      16:37 – अगले दिन 05:49

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · सोम

00061218अमृत · 05:23 – 07:07काल · 07:07 – 08:51शुभ · 08:51 – 10:35रोग · 10:35 – 12:19उद्वेग · 12:19 – 14:02चल · 14:02 – 15:46लाभ · 15:46 – 17:30अमृत · 17:30 – 19:14चल · 19:14 – 20:30रोग · 20:30 – 21:46काल · 21:46 – 23:02लाभ · 23:02 – 00:18उद्वेग · 00:18 – 01:35शुभ · 01:35 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:07चल · 04:07 – 05:23अमृत · 05:23 – 07:07विष · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:19धन · 12:19 – 14:02सुख · 14:02 – 15:46चोर · 15:46 – 17:30उद्योग · 17:30 – 19:14सुख · 19:14 – 20:30चोर · 20:30 – 21:46उद्योग · 21:46 – 23:02अमृत · 23:02 – 00:18विष · 00:18 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:07धन · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:46अमृत काल · 09:15 – 11:03राहु काल · 07:07 – 08:51यमगण्ड काल · 10:35 – 12:19गुलिक काल · 14:02 – 15:46चंद्र · 05:23 – 06:32शनि · 06:32 – 07:42गुरु · 07:42 – 08:51मंगल · 08:51 – 10:00सूर्य · 10:00 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:19बुध · 12:19 – 13:28चंद्र · 13:28 – 14:37शनि · 14:37 – 15:46गुरु · 15:46 – 16:55मंगल · 16:55 – 18:05सूर्य · 18:05 – 19:14शुक्र · 19:14 – 20:05बुध · 20:05 – 20:55चंद्र · 20:55 – 21:46शनि · 21:46 – 22:37गुरु · 22:37 – 23:28मंगल · 23:28 – 00:18सूर्य · 00:18 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:00बुध · 02:00 – 02:51चंद्र · 02:51 – 03:42शनि · 03:42 – 04:32गुरु · 04:32 – 05:23

1 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:02
15:46
17:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:02
15:46
17:30

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07
04:02–04:43
11:51–12:46
09:15–11:03
07:07–08:51
10:35–12:19
14:02–15:46

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:42
08:51
10:00
11:09
12:19
13:28
14:37
15:46
16:55
18:05

रात के होरा

12·51 मि
19:14
20:05
20:55
21:46
22:37
23:28
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 जून 2026 की तिथि क्या है?
1 जून 2026 को कृष्ण प्रतिपदा तिथि 16:37 तक है, फिर कृष्ण द्वितीया आरंभ होती है।
1 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
1 जून 2026 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग सिद्ध है।
1 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है।
1 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:07 से 08:51 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।