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गुरुवार, 18 जून 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्थी तिथि शाम तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में सुबह तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 14:07 से 15:51 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 21:39 से 18:59 तक

    • फिर

      शुक्ल पंचमी

      18:59 – अगले दिन 17:00

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 13:37 से 11:32 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      11:32 – अगले दिन 10:07

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 20:51 से 17:35 तक

    • फिर

      हर्षण

      17:35 – अगले दिन 14:53

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:39 से 08:14 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:14 – 18:59

    • फिर

      बव

      18:59 – अगले दिन 05:54

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · गुरु

00061218शुभ · 05:23 – 07:08रोग · 07:08 – 08:52उद्वेग · 08:52 – 10:37चल · 10:37 – 12:22लाभ · 12:22 – 14:07अमृत · 14:07 – 15:51काल · 15:51 – 17:36शुभ · 17:36 – 19:21अमृत · 19:21 – 20:36चल · 20:36 – 21:51रोग · 21:51 – 23:07काल · 23:07 – 00:22लाभ · 00:22 – 01:37उद्वेग · 01:37 – 02:52शुभ · 02:52 – 04:08अमृत · 04:08 – 05:23धन · 05:23 – 07:08सुख · 07:08 – 08:52चोर · 08:52 – 10:37उद्योग · 10:37 – 12:22अमृत · 12:22 – 14:07विष · 14:07 – 15:51रोग · 15:51 – 17:36लाभ · 17:36 – 19:21अमृत · 19:21 – 20:36विष · 20:36 – 21:51रोग · 21:51 – 23:07लाभ · 23:07 – 00:22धन · 00:22 – 01:37सुख · 01:37 – 02:52चोर · 02:52 – 04:08उद्योग · 04:08 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:50अमृत काल · 05:41 – 07:09राहु काल · 14:07 – 15:51यमगण्ड काल · 05:23 – 07:08गुलिक काल · 08:52 – 10:37वर्ज्यम् · 23:34 – 01:05गुरु · 05:23 – 06:33मंगल · 06:33 – 07:43सूर्य · 07:43 – 08:52शुक्र · 08:52 – 10:02बुध · 10:02 – 11:12चंद्र · 11:12 – 12:22शनि · 12:22 – 13:32गुरु · 13:32 – 14:41मंगल · 14:41 – 15:51सूर्य · 15:51 – 17:01शुक्र · 17:01 – 18:11बुध · 18:11 – 19:21चंद्र · 19:21 – 20:11शनि · 20:11 – 21:01गुरु · 21:01 – 21:51मंगल · 21:51 – 22:41सूर्य · 22:41 – 23:32शुक्र · 23:32 – 00:22बुध · 00:22 – 01:12चंद्र · 01:12 – 02:02शनि · 02:02 – 02:52गुरु · 02:52 – 03:43मंगल · 03:43 – 04:33सूर्य · 04:33 – 05:23

18 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:52
10:37
12:22
14:07
15:51
17:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:51
23:07
00:22
01:37
02:52
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:52
10:37
12:22
14:07
15:51
17:36

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:51
23:07
00:22
01:37
02:52
04:08
04:03–04:43
11:54–12:50
05:41–07:09
14:07–15:51
05:23–07:08
08:52–10:37
23:34–01:05

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:23
06:33
07:43
08:52
10:02
11:12
12:22
13:32
14:41
15:51
17:01
18:11

रात के होरा

12·50 मि
19:21
20:11
21:01
21:51
22:41
23:32
00:22
01:12
02:02
02:52
03:43
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जून 2026 की तिथि क्या है?
18 जून 2026 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 18:59 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
18 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
18 जून 2026 को नक्षत्र पुष्य और योग व्याघात है।
18 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है।
18 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:07 से 15:51 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।