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शुक्रवार, 19 जून 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। पंचमी तिथि शाम तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 10:37 से 12:22 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 18:59 से 17:00 तक

    • फिर

      शुक्ल षष्ठी

      17:00 – अगले दिन 15:47

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 11:32 से 10:07 तक

    • फिर

      मघा

      10:07 – अगले दिन 09:25

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन 17:35 से 14:53 तक

    • फिर

      वज्र

      14:53 – अगले दिन 12:48

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 18:59 से 05:54 तक

    • फिर

      बालव

      05:54 – 17:00

    • फिर

      कौलव

      17:00 – अगले दिन 04:17

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · शुक्र

00061218चल · 05:23 – 07:08लाभ · 07:08 – 08:53अमृत · 08:53 – 10:37काल · 10:37 – 12:22शुभ · 12:22 – 14:07रोग · 14:07 – 15:51उद्वेग · 15:51 – 17:36चल · 17:36 – 19:21रोग · 19:21 – 20:36काल · 20:36 – 21:52लाभ · 21:52 – 23:07उद्वेग · 23:07 – 00:22शुभ · 00:22 – 01:37अमृत · 01:37 – 02:53चल · 02:53 – 04:08रोग · 04:08 – 05:23सुख · 05:23 – 07:08चोर · 07:08 – 08:53उद्योग · 08:53 – 10:37विष · 10:37 – 12:22अमृत · 12:22 – 14:07रोग · 14:07 – 15:51लाभ · 15:51 – 17:36धन · 17:36 – 19:21रोग · 19:21 – 20:36लाभ · 20:36 – 21:52धन · 21:52 – 23:07सुख · 23:07 – 00:22चोर · 00:22 – 01:37उद्योग · 01:37 – 02:53विष · 02:53 – 04:08अमृत · 04:08 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:50अमृत काल · 08:36 – 10:07राहु काल · 10:37 – 12:22यमगण्ड काल · 15:51 – 17:36गुलिक काल · 07:08 – 08:53वर्ज्यम् · 21:46 – 23:19शुक्र · 05:23 – 06:33बुध · 06:33 – 07:43चंद्र · 07:43 – 08:53शनि · 08:53 – 10:02गुरु · 10:02 – 11:12मंगल · 11:12 – 12:22सूर्य · 12:22 – 13:32शुक्र · 13:32 – 14:42बुध · 14:42 – 15:51चंद्र · 15:51 – 17:01शनि · 17:01 – 18:11गुरु · 18:11 – 19:21मंगल · 19:21 – 20:11सूर्य · 20:11 – 21:01शुक्र · 21:01 – 21:52बुध · 21:52 – 22:42चंद्र · 22:42 – 23:32शनि · 23:32 – 00:22गुरु · 00:22 – 01:12मंगल · 01:12 – 02:02सूर्य · 02:02 – 02:53शुक्र · 02:53 – 03:43बुध · 03:43 – 04:33चंद्र · 04:33 – 05:23

19 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:53
10:37
12:22
14:07
15:51
17:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:52
23:07
00:22
01:37
02:53
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:53
10:37
12:22
14:07
15:51
17:36

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:52
23:07
00:22
01:37
02:53
04:08
04:03–04:43
11:54–12:50
08:36–10:07
10:37–12:22
15:51–17:36
07:08–08:53
21:46–23:19

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:23
06:33
07:43
08:53
10:02
11:12
12:22
13:32
14:42
15:51
17:01
18:11

रात के होरा

12·50 मि
19:21
20:11
21:01
21:52
22:42
23:32
00:22
01:12
02:02
02:53
03:43
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 जून 2026 की तिथि क्या है?
19 जून 2026 को शुक्ल पंचमी तिथि 17:00 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
19 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
19 जून 2026 को नक्षत्र आश्लेषा और योग हर्षण है।
19 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है।
19 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:37 से 12:22 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।