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शनिवार, 22 जून 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 08:53 से 10:38 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 07:32 से 06:37 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      06:37 – अगले दिन 05:13

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 18:18 से 17:54 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      17:54 – अगले दिन 17:03

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 18:41 से 16:44 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      16:44 – अगले दिन 14:26

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 19:09 से 06:37 तक

    • फिर

      बालव

      06:37 – 17:58

    • फिर

      कौलव

      17:58 – अगले दिन 05:13

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · शनि

00061218काल · 05:24 – 07:08शुभ · 07:08 – 08:53रोग · 08:53 – 10:38उद्वेग · 10:38 – 12:23चल · 12:23 – 14:07लाभ · 14:07 – 15:52अमृत · 15:52 – 17:37काल · 17:37 – 19:22लाभ · 19:22 – 20:37उद्वेग · 20:37 – 21:52शुभ · 21:52 – 23:08अमृत · 23:08 – 00:23चल · 00:23 – 01:38रोग · 01:38 – 02:53काल · 02:53 – 04:09लाभ · 04:09 – 05:24चोर · 05:24 – 07:08उद्योग · 07:08 – 08:53विष · 08:53 – 10:38अमृत · 10:38 – 12:23रोग · 12:23 – 14:07लाभ · 14:07 – 15:52धन · 15:52 – 17:37सुख · 17:37 – 19:22लाभ · 19:22 – 20:37धन · 20:37 – 21:52सुख · 21:52 – 23:08चोर · 23:08 – 00:23उद्योग · 00:23 – 01:38विष · 01:38 – 02:53अमृत · 02:53 – 04:09रोग · 04:09 – 05:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:51अमृत काल · 11:36 – 13:11राहु काल · 08:53 – 10:38यमगण्ड काल · 14:07 – 15:52गुलिक काल · 05:24 – 07:08वर्ज्यम् · 16:20 – 17:54शनि · 05:24 – 06:34गुरु · 06:34 – 07:43मंगल · 07:43 – 08:53सूर्य · 08:53 – 10:03शुक्र · 10:03 – 11:13बुध · 11:13 – 12:23चंद्र · 12:23 – 13:33शनि · 13:33 – 14:42गुरु · 14:42 – 15:52मंगल · 15:52 – 17:02सूर्य · 17:02 – 18:12शुक्र · 18:12 – 19:22बुध · 19:22 – 20:12चंद्र · 20:12 – 21:02शनि · 21:02 – 21:52गुरु · 21:52 – 22:42मंगल · 22:42 – 23:33सूर्य · 23:33 – 00:23शुक्र · 00:23 – 01:13बुध · 01:13 – 02:03चंद्र · 02:03 – 02:53शनि · 02:53 – 03:44गुरु · 03:44 – 04:34मंगल · 04:34 – 05:24

22 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:08
00:23
01:38
02:53
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:08
00:23
01:38
02:53
04:09
04:03–04:44
11:55–12:51
11:36–13:11
08:53–10:38
14:07–15:52
05:24–07:08
16:20–17:54

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:24
06:34
07:43
08:53
10:03
11:13
12:23
13:33
14:42
15:52
17:02
18:12

रात के होरा

12·50 मि
19:22
20:12
21:02
21:52
22:42
23:33
00:23
01:13
02:03
02:53
03:44
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जून 2024 की तिथि क्या है?
22 जून 2024 को पूर्णिमा तिथि 06:37 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
22 जून 2024 का नक्षत्र क्या है?
22 जून 2024 को नक्षत्र मूल और योग शुक्ल है।
22 जून 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
22 जून 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:53 से 10:38 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।