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रविवार, 23 जून 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। द्वितीया तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 17:37 से 19:22 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      05:13 से अगले दिन 03:26 तक

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 17:54 से 17:03 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      17:03 – अगले दिन 15:54

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 16:44 से 14:26 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      14:26 – अगले दिन 11:51

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      05:13 से 16:22 तक

    • फिर

      गर

      16:22 – अगले दिन 03:26

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · रवि

00061218उद्वेग · 05:24 – 07:09चल · 07:09 – 08:53लाभ · 08:53 – 10:38अमृत · 10:38 – 12:23काल · 12:23 – 14:08शुभ · 14:08 – 15:52रोग · 15:52 – 17:37उद्वेग · 17:37 – 19:22शुभ · 19:22 – 20:37अमृत · 20:37 – 21:53चल · 21:53 – 23:08रोग · 23:08 – 00:23काल · 00:23 – 01:38लाभ · 01:38 – 02:54उद्वेग · 02:54 – 04:09शुभ · 04:09 – 05:24उद्योग · 05:24 – 07:09अमृत · 07:09 – 08:53रोग · 08:53 – 10:38लाभ · 10:38 – 12:23धन · 12:23 – 14:08सुख · 14:08 – 15:52चोर · 15:52 – 17:37विष · 17:37 – 19:22धन · 19:22 – 20:37सुख · 20:37 – 21:53चोर · 21:53 – 23:08विष · 23:08 – 00:23उद्योग · 00:23 – 01:38अमृत · 01:38 – 02:54रोग · 02:54 – 04:09लाभ · 04:09 – 05:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:51अमृत काल · 12:25 – 13:58राहु काल · 17:37 – 19:22यमगण्ड काल · 12:23 – 14:08गुलिक काल · 15:52 – 17:37वर्ज्यम् · 00:40 – 02:11सूर्य · 05:24 – 06:34शुक्र · 06:34 – 07:44बुध · 07:44 – 08:53चंद्र · 08:53 – 10:03शनि · 10:03 – 11:13गुरु · 11:13 – 12:23मंगल · 12:23 – 13:33सूर्य · 13:33 – 14:43शुक्र · 14:43 – 15:52बुध · 15:52 – 17:02चंद्र · 17:02 – 18:12शनि · 18:12 – 19:22गुरु · 19:22 – 20:12मंगल · 20:12 – 21:02सूर्य · 21:02 – 21:53शुक्र · 21:53 – 22:43बुध · 22:43 – 23:33चंद्र · 23:33 – 00:23शनि · 00:23 – 01:13गुरु · 01:13 – 02:03मंगल · 02:03 – 02:54सूर्य · 02:54 – 03:44शुक्र · 03:44 – 04:34बुध · 04:34 – 05:24

23 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:24
07:09
08:53
10:38
12:23
14:08
15:52
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:53
23:08
00:23
01:38
02:54
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:24
07:09
08:53
10:38
12:23
14:08
15:52
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:53
23:08
00:23
01:38
02:54
04:09
04:04–04:44
11:55–12:51
12:25–13:58
17:37–19:22
12:23–14:08
15:52–17:37
00:40–02:11

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:24
06:34
07:44
08:53
10:03
11:13
12:23
13:33
14:43
15:52
17:02
18:12

रात के होरा

12·50 मि
19:22
20:12
21:02
21:53
22:43
23:33
00:23
01:13
02:03
02:54
03:44
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 जून 2024 की तिथि क्या है?
23 जून 2024 को कृष्ण द्वितीया तिथि 24 जून 03:26 तक है, फिर कृष्ण तृतीया आरंभ होती है।
23 जून 2024 का नक्षत्र क्या है?
23 जून 2024 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग ब्रह्म है।
23 जून 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
23 जून 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:37 से 19:22 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।